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गरियाबंद : लाटापारा में अधूरा आंगनबाड़ी भवन

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद 24 सितंबर को हुआ स्थल निरीक्षण, शिकायतकर्ता का दावा—अब तक निर्माण शुरू कराने ठोस कदम नहीं !

देवभोग (गरियाबंद) hct : गरियाबंद जिला के तहसील देवभोग अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटापारा के पुंजीपारा में वर्ष 2020-21 में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन का निर्माण वर्षों बाद भी अधूरा है। भवन का काम बीच में रुक जाने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद 24 सितंबर 2026 को स्थल निरीक्षण किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार अब तक निर्माण दोबारा शुरू कराने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।

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पांच साल बाद भी निर्माण अधूरा

पुंजीपारा में बच्चों के लिए आंगनबाड़ी भवन निर्माण की योजना वर्ष 2020-21 में स्वीकृत हुई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भवन का कुछ हिस्सा तैयार किया गया, लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ा। वर्षों से अधूरे पड़े भवन के कारण ग्रामीणों को इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। निर्माण कार्य किस कारण से रुका और इसे पूरा करने में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जानकारी संबंधित विभागीय रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगी।

लाटापारा आंगनबाड़ी भवन शिकायत के बाद स्थल निरीक्षण

भवन निर्माण पूरा नहीं होने के मामले में सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के सिलसिले में 24 सितंबर 2026 को स्थल निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान क्या स्थिति पाई गई और जांच प्रतिवेदन में क्या दर्ज किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

लाटापारा के अधूरे आंगनबाड़ी भवन को लेकर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पत्र
पुंजीपारा के अधूरे आंगनबाड़ी भवन के निर्माण को लेकर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत का पत्र।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि निरीक्षण के बाद भी निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए कोई स्पष्ट कदम नजर नहीं आया है। ऐसे में निरीक्षण की रिपोर्ट और उसके आधार पर की गई विभागीय कार्रवाई की जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है।

निर्माण की राशि और प्रगति का रिकॉर्ड जरूरी

भवन के अधूरे रहने के मामले में स्वीकृत राशि, अब तक जारी धनराशि, किए गए व्यय और निर्माण की वर्तमान प्रगति का विवरण सामने आना जरूरी है। इससे पता चल सकेगा कि निर्माण किस स्तर तक पूरा हुआ, कितना काम शेष है और कार्य रुकने के पीछे क्या कारण रहे हैं। निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी का निर्धारण भी उपलब्ध दस्तावेजों तथा तकनीकी जांच के आधार पर किया जा सकता है।

निरीक्षण के बाद विभागीय कार्रवाई का इंतजार

24 सितंबर को किए गए स्थल निरीक्षण के बाद विभाग ने क्या कदम उठाए, निर्माण पूरा कराने के लिए कोई समय-सीमा तय की गई या नहीं और जिम्मेदार एजेंसी को निर्देश जारी किए गए या नहीं—इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल शिकायतकर्ता अधूरे भवन का निर्माण पूरा कराने और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। संबंधित विभाग का पक्ष तथा निरीक्षण प्रतिवेदन उपलब्ध होने पर निर्माण में देरी के कारणों और आगे की प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मुकेश सोनी, संवाददाता
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