Crime

जन-धन योजना के नाम से खाते खुलवाकर ऑनलाइन गेमिंग का पर्दाफाश

पहचान पत्र लेकर जन-धन योजना में खाता खुलवाने का दिया गया झांसा।

HIGHLIGHTS

    1. खातों में अलग-अलग राज्यों से लाखों रुपये जमा करवाए और तुरंत निकाल लिए।
    2. इस मामले में निजी बैंककर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
    3. फोन नंबर भी ठग के रजिस्टर्ड करवाए और पासबुक व एटीएम उसी ने रख लिए।

इंदौर (Jan Dhan Yojana Account)। केंद्र सरकार की जन-धन योजना के नाम से खाते खुलवाकर ऑनलाइन गेमिंग के लाखों रुपये जमा करवाने का पर्दाफाश हुआ है। मल्हारगंज पुलिस ने बिचौलियों की भूमिका अदा करने वाले निजी बैंककर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।

आयकर विभाग और बैंक भी जांच में जुटा है। डीसीपी जोन-1 विनोद कुमार मीना के मुताबिक मूसाखेड़ी निवासी हरिकृष्ण निरंकारी, सिद्धार्थ गौड़ निवासी चौधरी पार्क मूसाखेड़ी, ऋतिक जोड़ और राजेश यादव दोनों निवासी विराट नगर द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

ऑटो रिक्शा और गैस सिलिंडर डिलीवरी का करते हैं काम

जांच और कथन के बाद पुलिस ने रविवार रात आरोपित वरुण उर्फ यश विश्वकर्मा निवासी हार्दिक रिजेंसी साजन नगर, मोहम्मद जुबैर और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। शिकायतकर्ता ऑटो रिक्शा चलाने और गैस सिलिंडर डिलीवरी का काम करते हैं।

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आरोपितों के साथ क्रिकेट खेलने जाते थे। आरोपितों ने युवकों से कहा कि शासन की जनधन योजना में रुपये मिलते हैं। युवकों को योजना के तहत खाते खोलने का झांसा देकर फोटो, आईडी ले लिए और करंट खाते खुलवा दिए। साजिश के तहत फोन नंबर भी ठग के रजिस्टर्ड करवाए और पासबुक व एटीएम रख लिया।

अकाउंट में अलग-अलग राज्यों से रुपये जमा हुए थे

इन खातों में अलग-अलग राज्यों से लाखों रुपये जमा करवाए और तुरंत निकाल लिए गए। कुछ दिनों पूर्व एक आवेदक को एयू स्माल बैंक ने अनधिकृत ट्रांजेक्शन के बारे में बताया। आयकर विभाग ने भी बैंक को नोटिस भेजना शुरू कर दिया। युवक बैंक पहुंचे तो पता चला उनके साथ ठगी हुई है।

टीआई शिव रघुवंशी के मुताबिक संगठित गिरोह द्वारा धोखाधड़ी की गई है। ट्रांजेक्शन की जांच करने पर देश के अलग-अलग शहरों से रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। आरोपितों ने रुपये इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से दूसरे खातों में ट्रांसफर किए हैं।

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