Concern
मोदी के फैसले “तीन तलाक कानून” का विरोध छत्तीसगढ़ के बालोद जिला से आगाज…
बालोद में कई मुस्लमान कर रहे तीन तालाक का विरोध इसका एक उदाहरण बालोद के व्हाट्सएप ग्रुप में देखने को मिला, सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहा विरोध…


तो उन्होंने साफ कहा भारत किसी के बाप नही। कई पत्रकारों द्वारा G.S.Tigala का विरोध किया गया, फिर भी वो समझने को तैयार नही।
अब मुस्लिम पति बोलकर, लिखित या किसी भी माध्यम से बीवी को तीन तलाक नहीं दे सकता, क्योंकि यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ चुका है। यही नहीं अगर पीड़िता पुलिस के पास शिकायत लेकर जाती है तो आरोपी को मैजिस्ट्रेट भी तभी बेल दे पाएगा, जब वह पीड़िता का पक्ष भी सुन ले। यही नहीं मैजिस्ट्रेट की इजाजत से तलाक हो जाने की स्थिति में भी पत्नी अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है। ये वो प्रावधान हैं जिनका मौलाना शुरू से विरोध करते रहे थे। लेकिन अब सरकार ने इस कड़े कानूनी प्रावधान को लागू कर दिया है।You cannot copy content of this page