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सुकमा। बस्तर संभाग के सुकमा जिलान्तर्गत तहसील क्षेत्र कोटा के अस्पताल पारा में 2 दिन पहले एक किराना दुकान संचालक के द्वारा दुकान में सामान खरीदने आई 5 वर्ष की आदिवासी बालिका दुकानदार के हवस का शिकार होते-होते बच गई। भूमकाल समाचार में प्रसारित ख़बरों के मुताबिक, दुकान संचालक के घर में किसी सदस्य के नहीं होने का फायदा उठाकर बच्ची के अंगों से छेड़छाड़ किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद बच्ची वहाँ से रोते हुए अपने घर भाग गई,

जब बच्ची के परिजन और मोहल्ले की औरतें रिपोर्ट लिखाने थाना पहुंचे, तब जांच के नाम पर पुलिस ने रिपोर्ट नही लिखी। घटना के दो दिन बाद आदिवासी कोया समाज के ब्लाक अध्यक्ष संजय सोढ़ी सहित समाज के नेता जब थाना पहुंचे तब 9 तारीख को नाबालिक का मेडिकल टेस्ट करवाया गया और तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

मामले के बारे में जानकारी देते हुए कोंटा थाना प्रभारी शिवानंद सिंह ने बताया कि 7 जुलाई की शाम अस्पताल पारा में रहने वाली एक 5 वर्षीय मासूम सामान खरीदने के लिए किराना दुकान संचालक संदीप नायडू 27 वर्ष की दुकान में शाम 5 बजे पहुँची, जहां पर आरोपी ने घर मे कोई नही होने का फायदा उठाते हुए बच्ची को मिठाई का लालच देकर दुकान में बुलाया, उसके बाद उसने बच्ची का कपड़ा उतारकर उसके साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया, जिसके बाद बच्ची रोते हुए अपने घर पहुँची, जहाँ मामले की जानकारी परिजनों को बताया गया, जिसके बाद परिजनों के रिपोर्ट के आधार पर धारा 376 (क,ख) 6 पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

आरोपी का भाई अग्नि नामक संस्था का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। साथ ही पिछली भाजपा कार्यकाल में मुख्यमंत्री बंगले तक सीधी पहुंच रखने वाले सामाजिक एकता मंच और अग्नि जैसे विवादित संस्था के संस्थापकों में से एक व सलवा जुडुम के बड़े नेता पी विजय का सगा भतीजा है।

ज्ञात हो कि अग्नि संस्था बस्तर के कुख्यात आईजी एसआरपी कल्लूरी द्वारा बनाया गया था, जिनका काम पुलिस के साथ व संरक्षण में नक्सलियों के नाम पर आदिवासी अत्याचार का विरोध करने वालों पर कहर ढाना था। फिलहाल इस घटना को लेकर आदिवासी कोया समाज आक्रोशित है और पुलिस के रवैए के खिलाफ कोटा में विरोध प्रदर्शन होने की आशंका भी है।

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