हाईवे क्राईम टाईम लगातार…

किरीट ठक्कर
गरियाबंद। जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमरबाहरा के आश्रित गांव कन्हारपारा से उण्डापारा तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 2013-14 में मिट्टी मुरुम सडक सह स्लेब पुलिया का निर्माण किया जाना था।
दस्तावेजी जानकारी के अनुसार निर्माण हो भी चुका है और लगभग 6 लाख 80 हजार रु का भुगतान भी हो चुका है ! इसमे से 3 लाख 16 हजार रुपये का भुगतान, केजीएन कंस्ट्रकंशन बिन्द्रानवागढ को दिया गया है, किन्तु वास्तविकता ये है कि उक्त सडक आज तक बनी ही नही !
शुक्रवार 10 मई को इस संबंध में समाचार का प्रसार “हाईवे क्राइम टाईम” की लिंक पर प्रमुखता से किया गया था; सितबंर 2018 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद कार्यालय के पत्र क्रमांक 1938 के तहत जांच समिति द्वारा किये गये स्थल निरीक्षण में भी उक्त कार्य भौतिक रुप से स्थल पर नही पाया गया !

वेंडर पंजीयन जांच के लिए जारी किया गया पत्र

सीईओ जनपद गरियाबंद द्वारा “केजीएन कंस्ट्रकंशन, बिन्द्रानवागढ” के वेंडर रजिस्ट्रेशन जांच के लिए लोक निर्माण विभाग व ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखा है।
विदित हो की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत विकास खंन्ड गरियाबंद अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों में केजीएन कंस्ट्रकंशन बिन्द्रानवागढ द्वारा बिल लगाकर राशि आहरण किया गया है !

अब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नही !

उन्डापारा से कन्हारपारा तक मिट्टी मुरुम सडक निर्माण की जांच के लिए समिति बनाई गई थी, समिति द्वारा स्थल निरीक्षण करते हुये ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा भी तैय्यार किया गया, किन्तु प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच प्रतिवेदन अब तक जनपद कार्यालय में प्रस्तुत नही किया गया है, लगता है मिली भगत का सिलसिला काफी लंबा है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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