Chhattisgarh

हांथी की मौत : आरोपियों की धरपकड़ के लिए ड्यूटी मे तैनात वन कर्मी की ट्रेलर की ठोकर से हुई मौत !

नवापारा सर्किल के नवागढ़ बीट में कार्यरत था वनकर्मी

रायगढ़ : घरघोडा थाना क्षेत्र में सन स्टील के पास सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी ट्रेलर वाहन से टकराकर वन आरक्षक के मौत होने की जानकारी मिल रही है! हांथी की मौत के आरोपियों की धरपकड़ के लिए ड्यूटी के दौरान कार्यरत वन कर्मी की खड़ी ट्रेलर से टक्कर होने पर मौके पर ही घायल होकर बेहोश हो गया जिसे घरघोड़ा अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई है!

सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी ट्रेलर वाहन बना वन आरक्षक के मौत का कारण…!!

प्राप्त जानकारी अनुसार घरघोडा थाना क्षेत्र अन्तर्गत उप वनमंडल घरघोडा के नवापारा सर्किल के नवागढ़ सर्किल में तैनात वन रक्षक घन कुमार राठिया उम्र 30 वर्ष मूलतः (अंजोरिपाली खरसिया निवासी) की कल हांथी की मौत वाले प्रकरण में आरोपियों की धरपकड़ पतासाजी की ड्यूटी पर लगाई गई थी, रात लगभग 9 बजे वन कर्मी बाइक में सवार होकर आरोपी की पतासाजी के लिए निकला था; जहाँ सन स्टील के पास खड़ी ट्रेलर अंधेरे की वजह से नही देख पाने के कारण सीधे ट्रेलर से जा टकराया और टकराने से सिर पर गंभीर चोट लगी।

 घरघोडा पुलिस ने मर्ग कायम कर जाँच में जुटी

मौके पर उपस्थित लोगों ने 112 को सूचना दी गई। थाना प्रभारी के दिशानिर्देश पर कुछ ही समय पश्चात 112 मौके पर पहुँच गई और घायल वन कर्मी को उपचार के लिए घरघोडा हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था की तभी चोट गंभीर होने के कारण रास्ते मे ही कर्मी के दम तोड़ने की बात कही जा रही है। घरघोडा पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए घरघोडा हॉस्पिटल भेज दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम के विवेचना में लेकर जांच कार्यवाही शुरू कर दी है। वन कर्मी घन कुमार मिलनसार ब्यक्तित्व के होने के कारण क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे इनके निधन से क्षेत्र वासियों व वन विभाग कर्मचारियों में शोक की लहर फैल गई है।

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Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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