Chhattisgarh

सरपंच के मनमानी से बरसों से बंद आंगनबाड़ी केंद्र !

*विश्वनाथ प्रताप सिंह।

सूरजपुर hct : मामला ग्राम पंचायत लांजित (लझरापारा) विकासखंड ओड़गी जिला सूरजपुर की है। 3 साल पहले भवन निर्माण पूरा हो चुका है लेकिन सरपंच के लापरवाही से अब तक नहीं खुल सका आंगनबाड़ी ! कई बार मोहल्लावासियों के द्वारा इस समस्या को लेकर के सरपंच को अवगत कराया था कि; भवन की साफ सफाई करवा कर आंगनबाड़ी को नये भवन में संचालित की जाए और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नया भवन की चाबी सौंप दी जाए।

जिस पर सरपंच ने हर बार हामी भरी और 2 सप्ताह के भीतर साफ सफाई करवा कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को चाबी सौंप देने की बात कही थी लेकिन, अभी तक हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है !

आजादी का अमृत महोत्सव और अछूता रहा आंगनबाड़ी भवन !

नीचे में कुछ फोटो साझा कर रहा हूं जिसको आप देखिए और आत्म चिंतन करिए क्या सच में हमने आजादी के 75वां अमृत महोत्सव मनाया हैं ?

घर-घर तिरंगा फहराया गया साथ ही देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों से लेकर के प्राइवेट संस्थानों ने भी झंडा फहराया लेकिन यह आंगनबाड़ी अपने कार्यालय पर इस वर्ष भी झंडा नही फहरा सका। कारण भवन की साफ सफाई नही हो सकी थी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किराए के मकान पर आंगनवाड़ी लगाने हो रहे मजबूर..?

हमने जांच पड़ताल की और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पूछा कि क्या कारण है कि आप लोग नया भवन में आंगनबाड़ी भवन में संचालित ना करके किराए के मकान में संचालित कर रहे हैं ? तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जवाब आया कि –”हमारे पास नया आंगनबाड़ी भवन का चाभी नहीं है, चाभी सरपंच के पास है।”

बच्चे हो रहे पढ़ाई को लेकर हालाकान

मोहल्ले वालों का कहना है इस मामले को लेकर के हम कलेक्टर के पास जाएंगे क्योंकि छोटे छोटे बच्चों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिस मकान में वर्तमान में आंगनबाड़ी संचालित हो रही है वहां पर बड़े-बड़े घास एवं झाड़ है जिसमें बच्चे जाने में डरते हैं।

अव्यवस्था के लगे हैं अंबार 

ना तो खेलने का साधन है और ना ही बाहर में बैठने का प्रावधान है। मोहल्ले की चार पांच महिलाओं का कहना है इस जगह की जर्जर हालत में हम अपने छोटे छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी नहीं भेज सकते।

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Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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