बालोद। जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र के मुख्य मार्गों में एक गुरूर सनौद मार्ग जिस पर रोजाना सैकड़ों राहगीर गुजरते हुए जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय तक पहुंचते है। इस मार्ग से लगे हुए कई ग्रामों की ग्रामवासियों का यह सड़क जीवन रेखा है जिस पर चलते हुए लोग अपनी जीवन यात्रा को पुरा कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद गुरूर से सनौद मुख्य मार्ग की चौड़ी करण व पुनः निर्माण कार्य होने का सौगात मिला। इस सड़क को नये सिरे से और ज्यादा चौड़ा बनाए जाने को लेकर इस सड़क के आसपास निवास करने वाले ग्रामवासियों के मन में संतोष और उत्साह झलक रही थी। लेकिन, सड़क निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों की बेहतर सड़क पर चलने का सपना उस वक्त उड़ गया जब सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हुए मितल कंस्ट्रक्शन धमतरी, लोगों के सपनों की सड़क पर थूकपालिस लगाकर गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कर दिया जो बनते वक्त ही जगह-जगह उखड़ने लग गई थी।

गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते जर्जर हो चुका था मार्ग

सड़क अपनी गुण की तरह सड़क निर्माण होने के महज कुछ दिन बाद जगह-जगह से टूटकर जर्जर हो गया, जिसे लेकर आम जनता में काफी आक्रोश देखा गया था तो वहीं सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हुए सरकारी अधिकारी घटिया निर्माण कार्य को लेकर खामोश बैठे रहे। करोड़ों रूपए की लागत से बनने वाली सनौद-गुरूर मुख्य मार्ग निर्माण कार्य पुरा होने के बाद सड़क पर बिछी न्योछावर खोरी की परत महज कुछ दिन में उखड़कर लोगों की सामने आ गई, जिस पर सड़क निर्माण विभाग के अधिकारी एवं मितल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गुणवत्ताहिन सड़क निर्माण की आरोप से पल्ला झाड़ते हुए सड़क की खराब दुर्दशा की वजह सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाली ओवरलोड वाहनों को बताया था।

प्रतिबन्ध के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही

गुरूर से सनौद मुख्य मार्ग पर देखा जाए तो हैवी लोड वाहनों को आवाजाही हेतू शासन के द्वारा बैन किया था, जिसकी जानकारी हेतू बकायदा सड़क पर सुचना बोर्ड लगाया है। सड़क पर ओवरलोड वाहनों की प्रवेश पर प्रतिबंध लगने के बावजूद इस सड़क पर रेत, गिट्टी,मूरूम से भरी बड़ी हाईवा इस सड़क को दिन-रात रौंदते रहे, जबकि शासन और सिर्फ सूचना बोर्ड सड़क पर लगाकर खर्राटे भरी नींद की झपकी लेने में व्यस्त रहे। परिणामस्वरूप आम जनता की मेहनत से कमाई गई पैसों से बना यह सड़क आखिरकार दम तोड़ दिया, जिसके चलते क्षेत्र की आम जनता को काफी तकलीफों का सामना तक करना पड़ा है।

इस सड़क से गुजरने वाले राहगीर अक्सर इस सड़क को देखकर सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हुए लोगों को सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने हेतू कोसते रहते थे, लेकिन इन दिनों यह सड़क वापस पहले से बेहतर तरीके से बन रही है, हांलांकि इस सड़क निर्माण कार्य को लेकर लोगों के मन में जरूर शंका विराजमान है जिसका एक कारण सड़क निर्माण कार्य करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी भी हो सकती है क्योंकि इससे पहले इसी सड़क को इसी कंपनी ने बनाया था बहरहाल राहत की बात यह है कि सड़क इन दिनों बेहतर तरीके से बनती हुई नजर आ रही है उम्मीद है बढ़िया टिकाऊ भी होगी।

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By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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