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दिव्यांग मामा ने अपनी ही भांजी को बना डाला हवस का शिकार।

अमित मंडावी

कांकेर hct desk। शहर के एक वार्ड में रिश्तों को शर्मसार करनी वाली घटना सामने आई है। सगे मामा ने अपनी 15 साल की नाबालिग भांजी को अपनी हवस का शिकार बना डाला। नाबालिग की शिकायत के बाद पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है।

क्राइम पेट्रोल देख रहे थे मामा भांजी, नियत में आई खोट और…

घटना 30 जनवरी की शाम को कारित होना बताया जा रहा है। आरोपी मनीष मेश्राम दिव्यांग है जो अपनी 15 साल की भांजी के साथ मोबाइल में क्राइम पेट्रोल देख रहा था, इसी दौरान आरोपी (मनीष) मामा की नीयत अपनी ही सगी भांजी पर बिगड़ गई और उसने घर में सुनसान पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की नानी घटना के दौरान घर मे नही थी। पीड़िता ने घटना के संदर्भ में अपनी सहेली को बताया जिसने अपने पिता को सहेली के साथ हुई शर्मनाक घटना से अवगत करवाया। सहेली के पिता ने ही मामले को बाल कल्याण समिति तक पहुचाया जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के माता पिता की मौत 4 साल पहले हो गई थी तबसे वह अपनी नानी के घर मे ही रह रही थी, लेकिन उसे इस बात का तनिक भी अंदाजा नही था कि माता पिता की मौत के बाद जिसे उसने अपना परिजन माना था वही उसके साथ इतनी घिनौनी हरकत करेगा।

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Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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