ये कैसी गोधन न्याय योजना, नही मिल रहा गोबर बिक्री का पैसा…!

फरियाद लेकर ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर जनचौपाल

किरीट ठक्कर, गरियाबंद। करीब दो वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ के हरेली त्योहार के दिन बड़े धूमधाम से प्रदेश में लागू की गई गोधन न्याय योजना से अब ग्रामीणों का मोहभंग हो रहा है। इस योजना को लागू करते वक्त छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने के दावे किये थे और योजना के तहत दो रुपये प्रति किलो की दर से गोठनों में गोबर खरीदी प्रारम्भ की गई थी। तत्समय गोधन न्याय योजना के तहत पांच हजार गौठान स्वीकृत किये गये थे और राज्य भर के 20 हजार गांवों में गौठान निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। निर्माण पूरा होने के बाद गोठनों में न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के वादे किये गये थे।

 

कलेक्टर जनचौपाल में पहुंचे ग्रामीण , एक साल से नही मिला पैसा

लगता है शासन की अन्य योजनाओं की तरह गोधन न्याय योजना भी धरातल पर टाँय टाँय फिस्स हो गई है। आज जिले में आयोजित जनचौपाल में पहुंची ग्राम धवलपुर की महिलाओं ने गोबर बिक्री का पैसा दिलाने कलेक्टर से फरियाद की है।

जिलाधीश गरियाबंद के समक्ष तहरीर पेश करते हुये ग्राम धवलपुर की महिला राधाबाई यादव, मेहतरीन, धनमोतिन, हेमिन बाई, गनेशी आदि महिलाओं ने कहा कि वर्ष 2021 में लगभग 19 सौ क्विंटल गोबर की बिक्री हमने की है किन्तु एक वर्ष से इसका भुगतान नहीं हुआ है जिसकी वजह से हम बहुत परेशान हैं। इस संबंध में जनपद सीईओ के समक्ष भी पूर्व में आवेदन प्रस्तुत किया गया है, किन्तु अब तक सिवाय आश्वसन के कुछ नहीं मिला है।

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