माकपा : आदिवासी कार्यकर्ताओं का क्या राज्यपाल से मिलना गुनाह है ?

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्यपाल से मिलने आ रहे मूलवासी बचाओ मंच से जुड़े आदिवासी कार्यकर्ताओं को कोंडागांव में हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की है।

संजय पराते, माकपा राज्य सचिव (छ०ग०)

आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है कि क्या किसी आदिवासी प्रतिनिधिमंडल का राज्यपाल से मिलना गुनाह है कि उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया है? पार्टी ने कहा है कि इन अवैध गिरफ्तारियों ने बस्तर और आदिवासियों के संबंध में संवेदनशील होने के सरकार के दावे की पोल खोल दी है।

माकपा नेता ने इन आदिवासी कार्यकर्ताओं को अज्ञात स्थान में ले जाने और उनकी स्थिति के बारे में सही जानकारी न दिए जाने पर भी पार्टी का विरोध जताया है और मांग की है कि उन्हें तुरंत कोर्ट में पेश किया जाए, जो कि किसी भी हिरासती बंदी का मौलिक अधिकार है।

माकपा ने कहा है कि राज्यपाल महोदया और उच्च न्यायालय को स्वतः इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और आदिवासी कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उचित हस्तक्षेप करना चाहिए।

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संजय पराते
सचिव, माकपा, छग
(मो) 094242-31650

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