बालोद hct : वर्दी के रौब और खाकी के खौफ तले कैसे जिंदा रहते हैं भारत के नागरिक, निश्चित रूप से यह एक बड़ा मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी हुई सवाल है साथ ही यह सवाल नागरिकों के मौलिक अधिकारों से भी जुड़ी हुई है। हालांकि भारत की सरकार और भारत के अंदर राज्यों में राज करने वाली राज्य सरकार भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने में खुद को तुर्रम खां बताने में कभी पीछे नही हुई है, और जब भी केन्द्र एवं राज्य के मध्य विवाद की स्थिति आ पड़ती है तब संघीय ढांचे से संबंधित सवाल आ खड़ा उड़ती है। देश के अंदर पुलिस विभाग की छवि दिनों – दिन खराब होने की दिशा में पहले के हिसाब से कहीं ज्यादा एक्टिव नजर आ रही है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है।

बीते दिनों प्रदेश के एक दैनिक अखबार ने पुलिस विभाग के अंदरूनी घपलों को ऐसे उजागर किया कि मानो पुलिस विभाग को मामले में खुलासा पर सांप सूंघ गया आनन-फानन में रायपुर पुलिस ने विभाग की कारगुज़ारियों को जनता के समक्ष उजागर करने वाले अखबार के संपादक को फिल्मी स्टाइल में अपहरण कर लिया, जबकि मामले में उक्त दैनिक अखबार भारत सम्मान के संपादक कुमार जितेंद्र जयसवाल के साथ पुलिस आरक्षक परिवार के सदस्य जो रायपुर पुलिस विभाग के द्वारा आंबटित घरों में रहते हैं, उस पर खबर प्रकाशित करते हुए विभाग के आला अधिकारियों से संबंधित कारगुज़ारियों को उजागर करने का प्रयास किया था, शायद इसलिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस आनंद नारायण मुल्ला ने राज्य बनाम मुहम्मद नईम मुकदमे में अपना फैसला सुनाते हुए उस वक्त कहा था
“पुलिस अपराधियो का सर्वाधिक संगठित गुंडों का गिरोह है।”

हरा सोना मिले तो खुद की पीठ थपथपाएंगे और खरा सोना को गटक जाएंगे !

बहरहाल छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिला पर भी नजर डालें जहाँ पर हरा सोना (गांजा) की एक बड़ी खेप लगभग एक क्विंटल 27 किलो जो कि लगभग सोलह लाख रुपए की रही होगी, नेशनल हाईवे 30 पर पुरूर सहायता केन्द्र प्रभारी शिशिर पांडे के हाथों लग जाती है। पुरूर सहायता केन्द्र प्रभारी शिशिर पांडे के पुरूर में तबादला के बाद लगातार गांजा की जप्ती निश्चित तौर काबिले तारीफ है।

लेकिन जनाब, जिले के अंदर गली, चौक – चौराहे, मुहल्ले में फूंके जा रहे है वो भी खुलेआम वो क्या अम्मा की जागीर है जिस पर कभी कार्यवाही ही नहीं होती ! साथ ही जिला के एक दैनिक अखबार में एक सोने से भरा हंडा पर एक खबर प्रकाशित हुई जिसमें गुण्डरदेही विकासखंड क्षेत्र के रणचिरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोचबोड़ के धनसिंह पटेल नामक व्यक्ति के यहाँ लगभग दो करोड़ रूपए की सोने के बिस्किट हंडा में मिलने की खबर प्रकाशित हुई थी, जिस पर बालोद पुलिस ने जांच कर मामले में छानबीन की बात तो कही, लेकिन आज तक ना सोना निकल पाया और ना हंडा ठीक उसी तरह जिस तरह गांजा तो पकड़ा जाता है, लेकिन गांजा को लोगों तक बेचने वाला नहीं…!

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By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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