बालोद (hct) : अवैध प्लाटिंग पर कड़ाई से रोक लगाने शासन ने नया आदेश जारी कर रखा है यहां तक कानून तक बनाया गया है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण सारे नियम और कानून धरे की धरे नजर आ रही है, परिणामस्वरूप कृषि योग्य भूमि की जिला के शहरी क्षेत्रों व नगर पंचायत क्षेत्र में कृषि भूमि की लगातार कमी देखी जा रही है, हालांकि नियमानुसार भूमाफिया लेआउट स्वीकृत कराए बगैर जमीन पर प्लाटिंग नहीं कर सकता है जिसके बाद भी बालोद जिला के नगरी व शहरी क्षेत्र के कृषि योग्य भूमि पर भूमाफिया लगातार अवैध प्लाटिंग कर रहे है।

लेआउट स्वीकृत की उड़ रही धज्जियाँ !

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से ले-आउट अप्रूवल की कापी के आधार पर ही जमीन की रजिस्ट्री होगी, इसके बाद ही मकान बनाने का काम शुरू हो सकेगा। इससे न सिर्फ कालोनियों के नाम पर प्लाटिंग करने वालों पर अंकुश लगेगा बल्कि सीधे जमीन खरीदने वाले ठगी के शिकार होने से बच सकेंगे।

गौरतलब है कि पहले भी बिना ले-आउट के रजिस्ट्री का प्रावधान नहीं था, लेकिन धनबल और बाहुबल से भ्रमित कुछ लोग रजिस्ट्री कार्यालय में गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री करा लेते थे और चंद सिक्कों की खनक में राज्स्व विभाग के अधिकारी भी भूमाफियाओं का कार्य कर दिया करते थे, लेकिन लगातार शहरी क्षेत्रों में निवासरत किसानों की जमीन पर भूमाफियाओं से संबंधित शिकायतों के बाद सरकार ने नियम कानून बना कर इस तरह की शिकायतों से निजात दिलाने की कोशिश कर रखी है लेकिन, जिसके बाद भी भूमाफियाओं की अवैध प्लाटिंग करने की नियत खत्म नहीं हो सकी।

गुरूर नगर पंचायत में अवैध कालोनी कोई नई बात नहीं है,नगर पंचायत गुरूर में बगैर लेआउट पास कराए शासन और प्रशासन की नाक के नीचे टुकड़ों में जमीन बेची जा रही है तो वही नियम विरुद्ध प्लाटिंग का कार्य खसरा नंबर 135/1 रकबा 0.29हेक्टेयर 135/4 रकबा 0.89 हेक्टेयर पर कार्य अनवरत किया जा रहा है। अवैध कालोनियों में न तो सड़क बनाई जाती है, न ही पानी बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल पाती है।

अभी कॉलोनियों में नाली, रोड, पानी व गार्डन जैसी सुविधाएं नहीं मिलती

अवैध कालोनाइजर लोगों से वादे करके प्लाट और मकान बेच देते हैं। बाद में लोग परेशान होते हैं। नगर पंचायत गुरूर के कास्तकारी भूमि पर लगातार कई वर्षों से भूमि माफियाओं की नजर सरकारी भूमि तक को नहीं छोड़ रहे है अवैध प्लाटिंग की नियत रखने वाले लोग हांलांकि अवैध प्लाटिंग की कृषि भूमि से लगे हुए किसानों ने उक्त भू – माफियाओं के खिलाफ तहसील कार्यालय गुरूर में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद उक्त भूमि पर स्टे जारी किया गया है यह जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुआ है, बहरहाल देखना अब यह है कि नगर पंचायत गुरूर में इस तरह के प्लाटिंग पर रोक सही मायने में लग पाईयी या फिर इस तरह की कार्य अनवरत जारी रहेगा।

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By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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