Chhattisgarh

उचित मूल्य की दुकान से प्राप्त राशन को बेचने पर राशन कार्ड होगा निरस्त।

रायपुर (hct)। राज्य शासन ने शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन कार्ड से प्राप्त किए गए चावल, शक्कर, केरोसिन को कार्डधारक खुले बाजार में न तो बेच सकेंगे और न ही बाजार में कोई भी दुकानदार इन सामानों को खरीद सकेगा। जो कार्ड धारक अथवा दुकानदार राशन सामग्री खरीदी-बिक्री करते हुए पकड़े जाएंगे, उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली और नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा 17 दिसम्बर को असाधारण राजपत्र क्रमांक 627 के माध्यम से संशोधन किया गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों से हितग्राही और कल्याणकारी संस्थाओं को प्रदाय राशन सामग्री को अहस्तांतरणीय कर दिया गया है। इसका सीधा आशय है कि कोई भी राशन कार्डधारी अथवा कल्याणकारी संस्थाओं से अपने राशन कार्ड के माध्यम से, राशन दुकान से खरीदे चावल, शक्कर केरोसिन आदि का उपयोग स्वयं के लिए करेगा।

होगी कार्रवाई

यदि कोई हितग्राही अथवा कल्याणकारी संस्था द्वारा अपने लिए प्राप्त राशन सामग्री को खुले बाजार में अधिक दर पर विक्रय करते हुए पाया जाता है तो कार्ड धारक का राशन कार्ड निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। जो दुकानदार राशन कार्ड धारकों के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकान से दी गई राशन सामग्री को क्रय करेगा उनके विरुद्ध भी छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा तीन के तहत कार्यवाही की जाएगी, जिसमें 7 साल तक की अधिकतम सजा का प्रावधान है। इस संबंध में कलेक्टर रायपुर ने खाद्य विभाग के सभी निरीक्षकों को अपने प्रभार क्षेत्र में सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।

ज्ञात हो कि, बालोद जिला सहित प्रदेश अन्य जिलों में देखा जाता रहा है, कि राशन दुकान से सरकार के द्वारा प्रदत्त चांवल को 15,16 रूपये किलो की दर से बेंच रहे है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण कुछ दिन पुर्व बालोद जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत सनौद पंचायत के राशन दुकान में देखने को मिला जहां पर ग्राम पंचायत के पंचों ने राशन दुकान से मिले चांवल को बिचौलियों को बेंच दिया मामले में खाद्य विभाग ने कार्यवाही करने की बात कहते हुए मामले में जांच किया था।

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Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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