Chhattisgarh

26 वर्षों की सेवा के बाद भी पंचायत सचिवों की एक मात्र मांग लंबित…!

गरियाबंद (hct)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पिछले 26 वर्षों से 10 हजार 568 पंचायत सचिव, प्रदेश की विभिन्न ग्राम पंचायतों में अपनी सेवायें दे रहे हैं। इतना ही नहीं पंचायत के सचिवों द्वारा शासन के 29 विभागों की करीब 200 प्रकार की कार्य योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लोकतंत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने, उन्हें केंद्र तथा राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का अति महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है। इसके बाद भी पंचायत सचिव आज तक अपनी एक मात्र शासकीयकरण की माँग को लेकर शासन का मुँह ताक रहे हैं।

पंचायतीराज के आधार स्तंभ माने जाने वाले ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिवों का आज 26 वर्षों की सेवा अवधि के बाद भी शासकीयकरण नही किया गया है। उक्त बातें आज पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश पंचायत सचिव संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण साहू द्वारा पत्रकारों के समक्ष कही गई।

प्रवीण साहू ने कहा कि संगठन द्वारा शासकीयकरण की अपनी एक मात्र लंबित मांग के सम्बंध में 26 दिसम्बर 2020 से 23 जनवरी 2021 तक कुल 26 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन आंदोलन किया गया था, पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित की गई। 24 जनवरी 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश पंचायत सचिव संघ के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के दौरान दिसंबर 2021 में पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की सौगात देने का वादा किया था, जिसका स्मरण कराने आज ये प्रेसवार्ता रखी गई है।

पंचायत सचिवों की कड़ी मेहनत का फल
12 राष्ट्रीय पुरस्कार

प्रदेश पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण साहू द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों एवं पंचायत सचिवों की कड़ी मेहनत, कार्य के प्रति लगन एवं सच्ची निष्ठा का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ शासन को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 12 राष्ट्रीय पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया।

75 विधायकों का अनुशंसा पत्र

पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग के समर्थन में प्रदेश के 75 विधायकों द्वारा अनुशंसा पत्र जारी कर मुख्यमंत्री की ओर अग्रेषित किया गया है। पंचायत सचिवों के साथ नियुक्त किये गये अन्य विभागों के कर्मचारी शिक्षाकर्मी ,वनकर्मी , पीडब्ल्यूडी कर्मी का शासकीयकरण किया जा चुका है। पंचायतों सचिवों की मेहनत के फलस्वरूप ही कोविड महामारी के टीकाकरण का कार्य छत्तीसगढ़ में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की ओर है।

नही आयेगा वित्तीय भार

पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने से शासन प्रशासन को मासिक वित्तीय भार 6.27 करोड़ रुपये तथा वार्षिक वित्तीय भार करीब 75 करोड़ रुपये आयेगा, जो नही के बराबर है। विदित हो कि 15 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके 5685 पंचायत सचिवों को 5200 – 20200 ग्रेड पे 2400 शासकीय सेवकों के समान वेतनमान मिल रहा है। किंतु अन्य शासकीय सुविधाओं से पंचायत सचिव वंचित हैं।

विश्राम गृह में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश पंचायत संघ के जिला सचिव कृष्ण साहू, उपाध्यक्ष दौलत सोनवानी, प्रवक्ता चेतन सोनकर,वरिष्ठ सलाहकार होरी लाल शर्मा, कृषलाल सिन्हा, जिला संयोजक गोविंद साहू, शगुलु साहू, मैनपुर ब्लाक सचिव संघ अध्यक्ष प्रेमलाल ध्रुव, देवभोग ब्लॉक संघ अध्यक्ष सुकांत बेहरा, छुरा ब्लाक सचिव संघ अध्यक्ष कृषलाल सिन्हा, फिंगेश्वर ब्लॉक संघ अध्यक्ष गोविंद साहू, गरियाबंद ब्लॉक अध्यक्ष अनुज ठाकुर उपस्थित थे।

whatsapp group

Kirit Thakkar

विगत 10 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में समसामयिक आलेख, कविताएं, व्यंग रचनायें प्रकाशित, पढ़ना लिखना विशेष अभिरुचि, गरियाबंद जिले में "हाईवे क्राइम टाइम" के जिला ब्यूरो चीफ पद पर नियुक्त।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button