आदतन बदमाश की हरकतों से परेशान होकर जब बीवी छोड़ गई, तो वहशी जीजे ने 17 साल की साली पर नज़रें जमा ली, रोजाना की छेड़छाड़ चुपचाप सहती नाबालिग को जब एक रात वहशी जीजा ने अपनी हवस का शिकार बनाने को जबरदस्ती की तो सब्र का बांध तोड़ते हुए युवती ने अपनी आबरू बचाने उसकी जान ले ली। सुबह जब पुलिस आई तो कहीं फरार होने की कोशिश किए बिना युवती घर पे ही थी।

कोरबा*मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कोरबा में खरमोरा के अटल आवास निवासी अमित सोनी उर्फ किडनी (28) का शव मंगलवार सुबह वहीं सड़क पर पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची तो अमित के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड को भी बुलाया। डॉग ‘बाघा’ आसपास घूमा और फिर सीधा अमित की सास के घर में घुस गया और वहां उसकी 17 साल की साली पर कूद पड़ा…

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इस पर पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की तो हत्या का मामला खुल गया। दरअसल बदमाश अपनी नाबालिग साली पर बुरी नजर रखता था। देर रात घर में घुसकर उससे जबरदस्ती कर रहा था। अपनी आबरू बचाने को लड़की ने अपनी मां के साथ मिलकर लाठी-डंडे से पीट-पीटकर उसे मार डाला। पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया है।

पत्नी भागी तो साली पर रखता था बुरी नजर

पूछताछ में आरोपी कुंती बाई ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी अमित सोनी से हुई थी। आरोपी की हरकतों की वज़ह से वो इसे काफी पहले छोड़ गई। इसके बाद से ही अमित ने परेशान करना शुरू कर दिया था। कहता था कि मां-बेटी ने मिलकर उसकी पत्नी को भगवाया है। वह अपनी पत्नी की छोटी बहन 17 साल की साली पर बुरी नजर रखने लगा था। अक्सर घर में घुसकर उससे शारीरिक छेड़छाड़ करता और कहता कि उसके साथ पत्नी की तरह आकर रहे।

रात को भी घर में घुसकर जबरदस्ती कर रहा था

आरोपी ने बताया कि अमित देर रात भी घर में घुस आया। इसके बाद साली से शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास करने लगा। उसने विरोध किया तो जबरदस्ती हाथ पकड़ कर खींचने लगा और अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। इस पर साली ने अपनी मां कुंती बाई के साथ मिलकर उसकी लाठी-डंडे से जमकर पिटाई कर दी। वह घर से बाहर भागा तो उसे सड़क पर भी पीटा। इस पर वह वहीं गिर पड़ा तो मां-बेटी घर में जाकर सो गए। सुबह उठे तो उसकी मौत का पता चला।

पहली पत्नी भी जान बचा भाग गई थी

आसपास के लोगों ने बताया कि अमित की पहली पत्नी भी उसकी हरकतों से तंग आकर जान बचा कर भाग गई थी। पहली पत्नी से उसे दो बच्चे हैं। एक बच्चे को उसकी पत्नी ले जाने में सफल रही, जबकि दूसरे को मृतक बदमाश ने नहीं जाने दिया। बहरहाल सवाल ये है की अब उस बच्चे का क्या होगा, फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है…

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By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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