सरगुजा। अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां दिनदहाड़े बीच सड़क पर एक सिरफिरे युवक ने एक युवती को मौत के घाट उतार दिया है। जबकि मृतका के पिता पर आरोपी ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया है। गर्दन में चोट लगने की वजह से मृतका के पिता की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकना की है। जानकारी के मुताबिक सरस्वती दास पिता जयमंगल दास शुक्रवार की सुबह तकरीबन 8:00 बजे मुर्रा खरीदने के लिए घर से बाहर निकली थी। तभी अचानक युवती के घर के ठीक सामने रहने वाला आरोपी चंदेश्वर धारदार हथियार लेकर घर से बाहर निकला और मुर्रा खरीद रही युवती पर अचानक हमला कर दिया। आरोपी ने युवती के गर्दन पर लगातार तीन से चार वार किया। जिस वजह से युवती लहूलुहान हालत में बीच सड़क पर ही धराशाई हो गई।

इधर मुर्गा बेचने आए ग्रामीण की चीख-पुकार की आवाज सुनकर मृतिका का पिता जयमंगल दास घर से बाहर निकला। तभी आरोपी ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि मृतका का पिता जयमंगल जैसे तैसे अपनी जान बचा कर अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। वही हमला के दौरान मृतका के पिता के गर्दन में भी गंभीर चोट आई है। इधर वारदात की जानकारी लगते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। जबकि मुर्रा बेचने वाला अपनी जान बचा कर मौके से भाग निकला।

वारदात को अन्जाम दे आरोपी फरार; तलाश में जुटी पुलिस…

ग्रामीणों की भीड़ को इकट्ठा होता देख; आरोपी वारदात में प्रयुक्त धारदार हथियार के साथ मौके से फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची। पुलिस ने पंचनामा पश्चात महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना कर दिया। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस आरोपी चंदेश्वर के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई है। इस दिल दहला देने वाली घटना से ग्राम बकना में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

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By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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