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सारंगढ़ (hct) डेस्क। महीनों पूर्व ग्रामीण; शिवचरण जोल्हे के द्वारा, सारंगढ़ एसडीएम व सीईओ (जनपद) से की लिखित शिकायत किया गया था कि, ग्राम पंचायत हिर्री निवासी ताराचंद कोशले के द्वारा सार्वजानिक Handpump बोर को बाउंड्रीवाल से घेर स्वहित में कब्ज़ा कर बेजा लाभ लिया जा रहा है। जिससे मुहल्लेवासियो के साथ – साथ आमजन को पानी की समस्या से प्रभावित होना पड़ रहा है। चूँकि मुद्दा जनहित से जुड़ा था, अतः पत्रकार दिनेश जोल्हे के द्वारा शिकायत की कॉपी को उठाकर ताराचंद कोशले के नाम से खबर का प्रकाशन कर दिया गया था, जिसमें जनपद स्तर से जांच दल गठित भी किया जा चुका है।

मामला जनहित से जुड़े होने का है जिसका उजागर होना शिकायतकर्ता ताराचंद कोशले के द्वारा बर्दास्त नहीं किया जा सका और और मन में रंजिश पालकर खबर प्रकाशन करने वाले पत्रकार दिनेश जोल्हे को सबक सीखने के उद्देश्य से पुलिस को दिग्भ्रमित करते हुए कि, अपनी पत्नी को सामने कर पुलिस रिकार्ड में पत्रकार दिनेश जोल्हे के खिलाफ; “महिला को अकेली देख; बदनियती से घर घुसकर उसके साथ; छेड़छाड़ करने की नामज़द यह शिकायत दर्ज करवा उसे आरोपी साबित कर दिया।

शिकायत के बाद राजीनामा के नाम पर सौदेबाजी

अवगत हो कि, ताराचंद कोशले के द्वारा पूर्व में भी इसी प्रकार अपनी पत्नी सन्तोषी कोशले का सहारा लेकर धरम सिंह, कैलास, शिवचरण एवं रूपसिंह जोल्हे, के नाम पर भी शिकायत करवाया जा चुका है। इस परिप्रेक्ष्य में जानकारी मिली है कि; शिकायतकर्ता के द्वारा इस तरह के कृत्य को एक व्यवसाय का रूप दिया जा चुका है।

ग्रामीणजन के हवाले से शिकायतकर्ता के द्वारा किसी के भी खिलाफ शिकायत करके आपसी राजीनामा के नाम पर बड़ी रकम की मांग कर मामले को रफा दफा किए जाने की भी पुष्टि होती है। जिससे सम्बद्ध; आवेदक शिवचरण जोल्हे के द्वारा दिनांक 9 अगस्त 2021 को थाना में शिकायत भी किया गया था।
देखिए पत्र का मजमून …


जनमानस की खबर प्रकाशित करना पत्रकार दिनेश जोल्हे को पड़ा महंगा !

सनद रहे कि, दिनेश जोल्हे के द्वारा, उक्ताशय से सम्बद्ध सतर्कता बरतते हुए खबर प्रकाशन के बाद प्रभावित परिवार के द्वारा खुन्नस के निकाले जाने के अंदेशे से झूठे एवं मनगढंत बातों का सहारा लेकर फ़साए जाने की नियत से कि संतोषी ताराचंद कोसले के द्वारा थाना में झूठी शिकायत की जा सकती है, से सम्बंधित थाने में आवेदन भी दिया था, और हुआ भी वही।

दिनेश जोल्हे ने घर घुस कर छेड़छाड़ की शिकायत को लेकर अपने खिलाफ लगे आरोप को ख़ारिज करते हुए पूर्व में बताया था कि; शिकायतकर्ती महिला सन्तोषी कोशले के द्वारा की गई शिकायत को पूर्वाग्रह से प्रेरित निराधार व मिथ्या करार दिया है। उसने कहा था कि अगर पुलिस प्रशासन, चाहे तो शिकायत में जिस समय का उल्लेख हुआ है उस समय से लेकर मेरे द्वारा उपयोग में लाए जा रहे मोबाइल को ट्रेस करे फिर भी मिथ्या जानकारी ही निकलेगा क्योंकि उस महिला से आज तक कभी प्रत्यक्षत: सामना ही नही हुआ।

गौर करने वाली बात यह कि, जानकारी के अनुसार दिनेश जोल्हे के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में 4 – 5 लोगों को निराधार व झूठी शिकायत के आधार पर फंसाए जाने की बातों का उल्लेख करते हुए सील मोहारयुक्त लिखित शिकायतनामा उल्लेखित प्रतिलिपि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सारंगढ़ (Sub-Divisional Police Officer) के पास जमा करने के साथ ही अलग से डाक / कूरियर; SDOP और S.H.O. थाना इंचार्ज को प्रेषित किया गया है

आईपीसी की धारा 354, 454 के तहत मामला पंजीबद्ध

जानकार सूत्रों के हवाले से, शिकायतकर्ता महिला 6 – 7 माह की गर्भवती बताई जा रही है। ऐसे में छेड़छाड़ का आरोप लगाकर किसी पर इल्जाम लगाना दूषित मानसिकता का परिचायक है जो बेहद ही निंदनीय है। भारतीय समाज में स्त्री को देवी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन यदि कोई उक्त सम्मान का बेजा फायदा उठाकर अवैधानिक कृत्य में संलिप्त हो अपनी मर्दानी के चलते आदतन बेकसूरों को यूँ ही फांसने – फ़साने के कृत्य में संलिप्त रहे तो यह उचित नहीं।
रही बात खाकी पर चढ़ी अरारोठ के कलफ की गर्मी का; तो जिस ईमानदारी और तत्परता के साथ पुलिस, पत्रकारों के खिलाफ मामले दर्ज करने में दिखाती है, अगर उतनी ही तत्परता व ईमानदारी किसी अपराध घटित होने के बाद दिखाए तो समाज से अपराध और अपराधियों का नाम-ओ-निशान मिट जाएगा…

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