विनोद नेताम
(संवाददाता)
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रायपुर (hct)। कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फार्मूले पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान तैयार करेगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रचार की जो योजना बनाई थी, कमोवेश उसे ही लागू किया जाएगा ताकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पार्टी को फायदा पहुचाई जा सके।

पिछले दिनों लखनऊ के दौरे पर गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कौल हाउस में करीब एक घंटे तक चर्चा हुई और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रणनीति बनाई गई है। इसमें यह तय किया गया है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बाहरी राज्यों के नेता पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जिनकी रिपोर्टिग सीधे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को होगी। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो 403 विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे, जो तीन महीने तक संबंधित विधानसभाओं का जिम्मा संभालेंगे और इसकी पल – पल की जानकारी भूपेश बघेल को देंगे।

Trying to cross the Styx in a boat of 36 holes!

केन्द्र की राजनीति में मुख्यमंत्री बघेल के बढ़ते दखल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए जो सात वचन तैयार किए हैं, उनकी सलाह बघेल ने ही दी थी, हालांकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद घोषणा में शामिल कई वचन का ना तो अता है और ना ही पता है, फिर भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस सात वचन के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। इसमें किसानों से धान की खरीदारी 2500 रुपये प्रति क्विंटल, बिजली बिल हाफ जैसे वचन को शामिल किया जाएगा ऐसा माना जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव अभियान के संचालन के लिए अलग-अलग वार रूम बनाया जाएगा। इसमें चुनाव प्रचार से लेकर बूथ मैनेजमेंट पर फोकस किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगले एक महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा।

कांग्रेस निकालेगी प्रतिज्ञा रैली
कार्यसमिति की बैठक अगले सप्ताह, पार्टी अध्यक्ष समेत कई मुद्दों पर चर्चा की संभावना

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में प्रतिज्ञा रैली निकालेगी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की जन विरोधी योजनाओं का प्रसार और प्रचार करेंगी। उत्तर प्रदेश के हर संभाग में यह रैली आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रियंका गांधी वाड्रा से हुई बैठक को लेकर कहा कि जनता के बीच जिन मुद्दों को लेकर जाना है, उस पर चर्चा हुई है। कांग्रेस की ओर से जो यात्राएं निकाली जानी हैं, उन्हें लेकर चर्चा की गई है। जनता के बीच कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के किए कार्यो की जानकारी देंगे। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने मोर्चा खोलते हुए उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पार्टी की जनविरोधी नीतियों पर सवाल खड़े करने हेतू उत्सुकता देखी जा रही है।

कांग्रेस सरकार की वादा खिलाफी से नाराज छत्तीसगढ़ के पत्रकार होंगे लामबद्ध

ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश के पत्रकारों के कल्याण हेतू पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की घोषणा की थी लेकिन सरकार बनने के बाद कांग्रेस पार्टी अपना चुनावी घोषणा की पूर्ति करने के बजाए प्रदेश में जनपक्षीय पत्रकारिता को सिद्दत के निभाने वाले सभी पत्रकारों की कलम को कुचलने की कोशिश जैसी कवायद को अंजाम दिया है, फलस्वरूप राज्य में पत्रकारों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। वरिष्ठ पत्रकार और भूमकाल के संपादक कमल शुक्ला के साथ कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कांकेर थाने के अंदर लिंचिंग जैसी घटना को अंजाम दिया था; जिस पर कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के माध्यम से कमल शुक्ला पर लगातार मामला वापस लेने हेतू दबाव बनाया गया जिसे लेकर राज्य के ज्यादातर पत्रकार आक्रोश में है।

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