Ad space

24 सितम्बर 2019 को मध्य प्रदेश से एक बहुचर्चित मामले ने सूबे की सियासतदारों की नींदे हराम कर रखी थी। इस बहुचर्चित मामले का नाम था “हनी ट्रैप”। जिससे जुड़ी खबर ने आद्योगिक घरानों के मीडिया संस्थानों के साथ – साथ सोशल मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थी। आप पाठकों को इस बात का भी अच्छे से गुमान होगा कि उक्त (हनी ट्रैप) प्रकरण के तार, मध्यप्रदेश भाजपा और आरएसएस के दिग्गजों के नामों के अलावा छत्तीसगढ़ के भी अनेक नामी – गिरामी हस्तियों के साथ मीडिया के एक तथाकथित दिग्गज HD का नाम भी उजागर हुआ था।

ये थे छत्तीसगढ़ के पंछी !

बालोद (hct)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ जहाँ राजनीति के गलियारों में ढाई साल के मुद्दे को लेकर कुर्सी के लिए राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली तक का माहौल गरमाया हुआ है, वहीं बालोद जिला में बीजेपी नेताओं द्वारा एक दूसरे को लेकर अश्लीलता से लबरेज आडियो वायरल होने के महज कुछ ही दिन बीते हैं कि अब एक बेहद ही संगीन मुद्दे ने महिला एवं बाल विकास विभाग के शालीन मंत्री अनिला भेड़िया के गृह जिले से नौकरशाहों के काले मंसूबे ने प्रदेश को लज्जित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी !

दरअसल मामले का सार यह है कि जिला आबकारी अधिकारी अशोक सिंह के द्वारा अपने सहकर्मी एक युवती को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से अश्लील चैटिंग किए जाने को लेकर सोशल मीडिया में बवाल मचा हुआ है।

ख़बर के मुताबिक मामले में संलिप्त जिला आबकारी अधिकारी अशोक सिंह ने युवती के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करते हुए वायरल खबर को हालांकि फर्जी बताया है; तो वहीं अधिकारी की शिकायत के बाद प्रताड़ित युवती के द्वारा भी आबकारी अधिकारी अशोक सिंह के खिलाफ, बालोद पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग रखी है।

प्रताड़ित युवती द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिया गया शिकायती पत्र

लिखित शिकायत पत्र के साथ युवती ने स्क्रीनशॉट भी सौंपी है, जिस पर बालोद पुलिस द्वारा कहा जा रहा है कि मामले में जांच की जा रही है। बता दें कि जिन मामले में पुलिस जुटी हुई है उक्त मामले में जिला के तीन और महान नौकरशाह महारथियों ने प्रताड़ित युवती के साथ हम-बिस्तर होने की बात जाहिर हो रही है।

इस बात को संज्ञान में लिया जा सकता है कि चैटिंग में कलेक्टर जन्मेजय महोबे,अपर कलेक्टर ए०के० बाजपेयी और डिप्टी कलेक्टर, अभिषेक दीवान के नामों का स्पष्ट जिक्र हुआ है।

वायरल स्क्रीनशॉट में स्पष्ट उल्लेख है कलेक्टर जन्मेजय महोबे, अपर कलेक्टर ए के बाजपेयी और डिप्टी कलेक्टर दीवान का

अब संदेह का कांटा यहाँ पुलिस विभाग को चुभ रहा है कि मामले में वीवीआईपी लोगों की संलिप्तता होने अथवा नाम उजागर हो जाने से सांप – छछुंदर की स्थिति आन पड़ी है। न निगलते बन रहा है न उगलते ! अतः मामला को दबाने की मुहिम भी बलवती है।

चूंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आज बालोद जिला में चरण पखारने का कार्यक्रम भी आयोजित है; सो कुछ जुझारू किस्म के पत्रकार बंधु; मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मामले को लेकर प्रश्न पूछने की जहमत उठा सकते हैं।

*श्रीमती कविता प्रवीण गेंड्रे

उक्त मामले को लेकर गुंडरदेही निवासरत महिला सशक्तिकरण को लेकर सजग प्रेरक प्रवक्ता, समाजसेविका श्रीमती कविता गेंडरे ने कहा कि मामला बेहद संगीन है। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों के साथ उच्च अधिकारियों के द्वारा शोषण की बात अत्यंत घृणित एवं निंदनीय है। तिस पर तुर्रा यह कि कलेक्टर और उसके मातहतों का नाम जगजाहिर होने से बालोद जिला शर्मसार हुआ है।
उन्होंने वेब समाचार हाईवे क्राइम टाइम के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जिला पुलिस अधीक्षक से संबंधित मामले में कार्यवाही की मांग रखते हुए दोषियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग रखी है।

विनोद नेताम
(संवाददाता)

 

ad space

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here