पुलिस के मुस्तैदी के बाद भी पशु तस्करी में लिप्त गाड़ी हुई फरार !
सलाना डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार।
अंतराष्ट्रीय गिरोह की सक्रियता से नहीं किया जा सकता इंकार।
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बीते कुछ वर्षों में डेयरी व्यवसाय का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे पशुपालकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ बूढ़ी बीमार गायों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। साथ ही यह भी देखा गया है कि, पशुपालक अक्सर अपनी गायों के साथ बछड़े, सांड और भैंस सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। इन खुले घूमने वाले मवेशियों पर पशु तस्करों की नजर रहती है जिसे स्थानीय तस्करों के जरिए पकड़ने के बाद अंतरराज्यीय स्तर के तस्तरों के द्वारा बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय तस्करों को बेचा जाता है। पकड़े जाने के पश्चात् नाममात्र की खानापूर्ति की कार्रवाई किए जाने से इस धंधे में लगे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

विनोद नेताम
(संवाददाता)

बालोद। भारत में पशु तस्करी का धंधा सालाना डेढ़ लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का है। गाय तस्करी के लिए टॉप राज्यों की सूची में अब बालोद (छ.ग.) का भी नाम शामिल हो चुका है। जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र में पिछले कुछ दिनो से पशुओ की अवैध तस्करी चरम पर है। दिन प्रतिदिन पशु तस्करों की ओर से तस्करी किए जाने की शिकायत लगातार मिल रही है। चौकाने वाली बात यह कि; इस कार्य में शामिल तस्कर जिनका कि बाकायदा संबधित थाना/चौकी सहित चेक पोस्ट (जाँच चौकी) में तैनात थानेदार से लेकर चौकीदार तक का महीना बंधा हुआ है।

इस धंधे से जुड़े जानकार बताते हैं कि; प्रति पशु 8 से 10 हजार रुपये मुनाफा हो जाता है और इस धंधे में भाजपा सहित कांग्रेस के रसूखदारों की सांठगांठ के बगैर इस कार्य को अंजाम दे पाना टेढ़ी खीर है। इसके पीछे अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय तस्करों का एक बड़ा गिरोह काम करता है। तस्कर पिकअप गाड़ियों में भरकर स्थानीय पुलिस की खामोशी का फायदा उठाकर निश्चित स्थानों तक पहुंचा देते हैं।

अब चूँकि आप सभी यह जान ही चुके हैं कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के पंद्रह बरस के शासन काल पश्चात, किसानों को झूठे ख्वाब दिखाकर सत्तारूढ़ कांग्रेस दल के मुखिया और खुद को किसान बताकर भ्रष्टाचार की बाड़ी को बढ़ावा देने वाली भूपेश बघेल की महती योजना “‘नरवा-गरवा, घुरवा-बाड़ी” फलीभूत होने से पहले भस्मीभूत होते नजर आ रही है।

बीते दिनों बालोद जिलान्तर्गत गुरुर विकासखंड आदर्श ग्राम पंचायत कंवर में अँधेरे में एक वाहन को ग्रामीणों के एक समूह ने रोक रखा था। जिसके बारे में जानकारी दी गई की उसे थाना में सुपुर्द किया गया (इस बात की क्राइम टाइम पुष्टि नहीं करता) पुलिस के मुस्तैदी के बाद भी पशु तस्करी में लिप्त गाड़ी गायब हो गई !

  1. यह तो था रात के अँधेरे की बात अब हम आपको दिखा रहे हैं दिन के उजाले में “हिम्मत-ए-खुदादाद पशु तस्कर” की इस वीडियो में आप खुद ही देखिए, और निर्णय लीजिए कि कितना बुलंद हौसला है एक अदने से सप्लायर की जो यह बखान करते नहीं थक रहे हैं कि किन-किन अड़चनों से वह कैसे निपटता और निपटाता है…
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