राजधानी सहित समूचे जिलों में बेख़ौफ़ नशे का कारोबार।

विनोद नेताम
(संवाददाता)
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बालोद। राज्य की सरकार बदलते ही राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने राज्य में अवैध शराब विक्रय पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने पुलिस विभाग को सख्त हिदायत दी थी, जिसे बीते हुए 1 वर्ष से भी अधिक होने को आया, कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री ने भी पुलिस विभाग की बैठक में डीजीपी, डी०एम०अवस्थी को अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्यवाही करने सख्त हिदायत दी थी।

उन्होंने कहा था कि; किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री करते हुए पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी निलंबित,और राजपत्रित अधिकारी पर विभागीय जांचकर कार्यवाही करने की बात कही थी। जिस पर डीजीपी द्वारा समस्त पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देशित किया था। डीजीपी डीएम अवस्थी द्वारा रायपुर में बैठक लेकर अवैध शराब कारोबारीयो पर सख्त कार्यवाही का आदेश दिया गया हैं,पर यह पूर्ण रूप से मजाक प्रतीत होता दिख रहा हैं।

यह हिदायत बालोद जिले में लागू होते नही दिख रहा है जिस वजह से जिले में अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। जिला के बालोद थाना क्षेत्र, डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र, गुरूर थाना क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जम कर फल फूल रहा हैं। गुरूर थाना के अरकार, भोथली, पुरूर, कवंर, धनेली, बोड़रा व अरमरीकला में खुलकर शराब विक्रय हो रहा है, जहाँ रोड किनारे हर वक्त शराब उपलब्ध हो जाती हैं। सुबह से देर रात तक शराब दुकान की तरह शराब विक्रय किया जाता हैं, जिसका सेवन करते रोड़ किनारे ही लोगो की भीड़ आसानी से आए दिन देखे जा सकते है।
देखिए वीडियो…

इस पर यह सन्देह होना लाजमी होगा कि इतनी मात्रा में अवैध शराब की बिक्री होने की जानकारी पुलिस विभाग और आबकारी विभाग को न हो यह सोचनीय होगा जिस पर न तो पुलिस विभाग और न आबकारी विभाग कार्यवाही कर रही हैं। हमारे प्रतिनिधि की ग्राउंड रिपोर्टिंग की सूत्रों से हमे पता चला है कि, इस कार्य को करने की मोटी फीस सम्बंधित विभागों को जाती हैं, एवं पूर्ण संरक्षण मिला हुआ है। ऐसे मे डीजीपी, ग्रहमंत्री, मुख्यमंत्री के आदेशो का पालन कैसे होगा यह विचारणीय है।

आलम तो यह है कि, शराब तस्कर ना सिर्फ खुलेआम शराब बेंच रहे है बल्कि नशे का अन्य सामान जिसमे गांजा जैसी मादक पदार्थों का सेवन अब अंचल के युवा सेवन कर अपनी जवानी मदहोशी के आलम में फूंक रहे है।

विदित हो कि प्रदेश की सरकार ने सत्ता के सिहासन में बैठने के पूर्व गंगा जल को हाथो में लेते हुए सरकार में आते ही पर्ण शराबबंदी की घोषणा की थी, लेकिन हाल-फिलहाल के बयानों पर नजर डाले तो सरकार की शराबबंदी के नाम पर पसीना छुटते हुए नजर आ रहा है, तो वहीं रमन सिंह के पूर्ववर्ती सरकार को रात के अंधेरे में डंडा दिखाने वाली महिलाओं की फौज अब सुस्त होते हुए नजर आ रही है। एक वक्त था; जब प्रदेश में शराबबंदी को लेकर महिला कंमाडो की विशाल सेना ने सरकार के नाक में दम कर शराबबंदी लागू करने के लिए लगातार दबाव बनाया और प्रदेश की धरा में शराबबंदी के लिए माहौल बनाया जिसके दबाव के कारण ही कांग्रेस पार्टी ने चुनावी घोषणा पत्र में इसे शामिल करते हुए जनता की बहुमूल्य वोट हासिल किया लेकिन सरकार बनने के बाद में प्रदेश में लगातार अवैध शराब के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे है।

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