• काम पूरा करने की अवधि थी नवम्बर 2018
  • 2 साल से निर्माण कार्य कछुआ चाल
  • लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण अधिकारी की मेहरबानी के चलते काम आधा अधूरा।
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*रुपेश वर्मा।

कसडोल (बलौदा बाजार)। लोक निर्माण विभाग सेतु निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों की अत्यधिक मेहरबानी से जोंक नदी पर महराजी के पास बन रहे पुल निर्माण अवधि पूरा हो जाने के दो साल बाद भी अधूरा है। अब तक पुल निर्माण नहीं हो पाने के कारण क्षेत्र वासियों को आवागमन में अनावश्यक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ के दो महापुरुषों सन्त बाबा गुरू घांसी दास जी के जन्मस्थली एवं तपोभूमि गिरौदपुरी, छाता पहाड़ एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के जन्मस्थली एवं कर्मभूमि सोनाखान के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से क्षेत्रवासियों की मांग पर छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने महराजी के पास जोंक नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण किए जाने की घोषणा की थी और सम्बंधित विभाग पुल निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर शासन के पास प्रस्ताव भेजा था; जिसे प्राथमिकता के साथ शासन द्वारा पुल निर्माण के लिए 20/07/ 2016 को 9 करोड़ 60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य का ठेका मेसर्स विनोद कुमार जैन को दिया गया है, जिसका अनुबंध क्र.26 / डी एल आफ 2016 -17 कुल 225 मीटर लंबाई के पुल निर्माण के लिए अनुबंध के अनुसार 12 माह निर्धारित समय सीमा है । ठेकेदार को लोक निर्माण विभाग सेतु ( शाखा ) द्वारा 16 / 02/ 2016 को कार्यादेश जारी किया गया था और निर्माण पूर्ण करने की अवधि 15/11/2018 थी। निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि के दो साल बाद भी पुल निर्माण आज भी अधूरा है।

इस पुल निर्माण में 8 पिल्लर और 2 अबटमेंट तथा 25 मीटर लंबाई के 9 स्लैब डाले जाने हैं। ठेकेदार द्वारा आज भी दो स्लैब एवं अबटमेंट का कार्य अधूरा ही है। निर्माण स्थल पर सेतु विभाग के कोई भी कर्मचारी कभी नजर ही नहीं आते जिसके चलते ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से स्तरहीन निर्माण सामग्रियों का उपयोग तो किया ही जा रहा है साथ ही निर्माण कार्य की गति अत्यंत धीमी है। पुल निर्माण नहीं हो पाने के कारण आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने शासन प्रशासन से पुल निर्माण की गति में तेजी लाने की मांग की है ताकि दोनों महापुरुषों के जन्मस्थली का यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों को शीघ्र लाभ हो सके।

सेतु विभाग के अधिकारी कर्मचारी ठेकेदार पर अत्यधिक मेहरबान क्यों हैं; यह तो वे ही जाने लेकिन पुल निर्माण अब तक नहीं हो पाने के कारण लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। इस सम्बंध में सेतु विभाग के उप यंत्री गौरव अनेजा एवं सहायक अभियंता रंजना कश्यप से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने मोबाईल फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।

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