विनोद नेताम
(संवाददाता)
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बालोद (hct)। कठोर से कठोर कानूनी प्रावधानों के बीच ना सिर्फ अनाचार के मामले ही नही बढ़ रहे है बल्कि तेजी के साथ मोबाइल फोन का उपयोग महिलाओ से अश्लील भाषा के माध्यम से प्रताड़ित करने की शिकायत भी प्राप्त होते हुए नजर आ रही है।

महिलाओं पर हो रहे अनाचार और अपराध के मामले छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेश में रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं तो वहीं प्रदेश के बड़े सत्ताधारी नेताओं के बोल महिला अपराध जैसे संगीन मामलो में भी तेजी के साथ बढ रही है, ऐसे में महिला उत्थान की बाते करना कितनी जायज है, ये एक बड़ा सवाल है। अनाचार या महिला अपराध से (Rape) के शिकार युवती, महिला या फिर पीड़िता और उसका परिवार कानूनी पेचीदगियों में उलझकर रह जाते हैं और न्याय मिलने तक व्यवस्था से विश्वास उठता चला जाता है जिसके चलते न्याय मिलने के बाद भी वो दंश जिसने झेला है उस घटना को कभी भूला नहीं पाती है या फिर समाज में मुंह दिखाने के लायक नही समझ कर आत्महत्या जैसी कदम उठाने को कई बार कुछ लोग मजबूर हो जा रहे है। इस तरह के दर्जनो मामले देखे गए है, पिछले दिनों हाईवे क्राइम टाईम ने प्रदेश के बालोद जिला के बालोद थाना क्षेत्र के एक इसी तरह के मामले हमने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। कठोर से कठोर कानूनी प्रावधानों के बीच ना सिर्फ अनाचार के मामले ही बढ़ रहे है बल्कि सामूहिक दुष्कर्म और महिला साइबर अपराध की घटना में इजाफा हो रहा है।

कांग्रेस शासित प्रदेश में बीजेपी शासनकाल के हजारों केस पेंडिंग हैं तो वहीं खुद के शासनकाल के दौरान बढ़ती हुई महिला अपराध पर प्रदेश के मंत्री और विधायकदांत निपोरते है। चरमराई हुई व्यवस्था की आंकड़ों पर जरा गौर फरमाएं, यह महज सिर्फ थानो में दर्ज शिकायत के आधार पर बयां किये गये अनाचार के आंकड़े है, जबकि कितने मामले थाने आए और नही भी जिसकी आंकड़े खा गये कुछ चिंदीचोर दलाल।

प्रदेश में बढ़ती हुई महिला अपराध की जड़ काफी गहराई तक है जिसका खात्मा निश्चित तौर पर राजनीतिक बयानबाजी या तुगलकी फरमानो से तो हरगिज नही किया जा सकता, चाहे वह बयान विगत दिनो पूर्व प्रदेश के केबिनेट मंत्री शिव डहरिया के श्रीमुख से निकली हो या फिर राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डा.किरणमयी नायक के मुखारविंद से जिसके चलते प्रदेश के राजनीतिक दल व कई महिला संगठनों ने विगत दिनो मोर्चा खोल दिया था। प्रदेश में इन दिनों मोबाइल फोन व सोशल मीडिया के माध्यमो से महिला अपराधो को अंजाम देने की मिल रही लगातार शिकायत। जिसकी बानगी प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के पैतृक (दुघेरा गांव) ग्राम बासीन विकासखंड व थाना गुरूर जिला बालोद, एवं प्रदेश के महिला बाल विकास एंव समाज कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया के गृह जिला बालोद के गुरूर थाने में दर्ज लिखित शिकायत के आधार पर कही जा रही है।

गुरूर थाना क्षेत्र के दो ग्राम पंचायत के महिला सरपंचों को अज्ञात आरोपी के द्वारा फोन पर अश्लील शब्दो का प्रयोग करते हुए अभद्रता से लेकर जान से मारने जैसी बात कही गई है। लिखित शिकायत में महिला सरपंच ने पुलिस से मामले में जांचकर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। मामले में आरोपी के द्वारा प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना “नरवा-गरवा, घुरवा-बाड़ी” से जुड़ी हुई सवालों पर सबसे पहले महिला सरपंच से सवाल जावाब करता है, योजना से संबंधित जानकारी मांगता है, लेकिन सवाल और जवाब के प्रयोजन पूछे जाने के बाद यह आरोपी महिला सरपंच को गाली-गलौज करने से लेकर अभ्रदता के पैमाने को पार करने पर उतारू हो जाता है। वैसे विगत दिनों प्रदेश की सरकार और मुखिया जी ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से मीटिंग कर बढ़ रही महिला अपराध के संबध में तुरंत कार्यावाही की बात कह चुके है, तो वहीं मामले में गुरूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की मोबाइल नंबर के आधार पर पतासाजी की जा रही है। मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस की टीम लगी हुई है, तो वहीं कवर्धा जिला के नादघाट थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके मोबाइल नंबर का उपयोग शिकायतकर्ता महिलाओ से बात करने के लिए किया गया है।

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