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रायपुर। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति जिसमें 250 से अधिक किसान संगठनें शामिल है उनके प्रतिनिधियों का बैठक श्री रकाबगंज गुरुद्वारा नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ जिसमें पंजाब, हरियाणा, केरल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, राजस्थान सहित देश के पंद्रह राज्यों से प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की आयोजित बैठक दिनांक 27 अक्टूबर 2020 को रकाबगंज गुरुद्वारा दिल्ली में बैठक में शामिल अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव एवं छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ

तेजराम विद्रोही

संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही व छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के सदस्य सोहन पटेल ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गए कथित कृषि सुधार कानून और बिजली अधिनियम में संशोधन बिल 2020 को रद्द करने की माँग को पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग अलग कोने पर किसान आन्दोलन कर रहे हैं जिसे एकजुट करते हुए। कारपोरेट परस्त, कृषि, किसान, जन-विरोधी, उपभोक्ता विरोधी तीनो क़ानून 2020 और बिजली बिल संशोधन 2020 के खिलाफ़ 5 नवंबर 2020 को ऑल इंडिया रोड नाकाबंदी का आयोजन किया जाएगा। 26-27 नवंबर 2020 को “दिल्ली चलो” विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शनों में विशाल राज्य-वार / क्षेत्र-वार निर्माण शामिल होगा जो इन मांगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर भीड़ और आंदोलनों का निर्माण करेगा।
पूरे भारत के किसान केंद्रीय सरकार के कार्यालयों और भाजपा नेताओं और उनके सहयोगी दलों के कार्यालयों सहित सरकार के कार्यालयों के समक्ष विरोध करेंगे।

बैठक ने केंद्र सरकार की उस निर्णय का कड़ी निंदा किया गया जिसमें सरकार द्वारा पंजाब में माल गाड़ियों का परिचालन बंद करने का निर्णय लिया है कि जब तक किसान यात्री ट्रेनें रोकना बंद नहीं करती तब तक मालगाड़ी का परिचालन नहीं किया जाएगा। यह केन्द्र सरकार द्वारा पंजाब के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या है।

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