Chhattisgarh

सरकारी सेवा भूमी से बैगर अनुमति हरे भरे वृक्षों की अंधाधुंध कटाई वन विभाग मौन !

विनोद नेताम
(संवाददाता)

बालोद। राजस्व अमला प्रदेश के आर्थिक मजबूती की अगवानी के लिए जानी जाती रही है। कोरोना महामारी के संकट काल में प्रदेश सरकार की आर्थिक सेहत इन दिनों नासाज है जिसके चलते प्रदेश सरकार ने ग्रीन जोन में शराब दुकान खोलने की तत्काल अनुमति भी दे दी गई। राजस्व और आर्थिक सेहत की खराबी के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए

बालोद जिला में अवैध खनिज के साथ अवैध लकड़ी का कारोबार विभाग के नाक नीचे चलता है। जिसकी सुगंध आने के बाद भी विभाग को सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी नहीं दिखता और उसे दरकिनार कर “चलने दो; चलता है” वाली साइलेंट मोड़ पर आ जाती है। भू-राजस्व संहिता 1959 के धारा 240 के तहत हरे भरे पेड़ को बैगर अनुमति के काटना परिवहन करना अपराध है। देश के बड़े शहरों में पर्यावरण प्रेमी हरे पेड़ों को कटने से बचाने के लिए सड़क पर निकलते हैं। बालोद जिला प्रशासन के सुस्ती के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कोतवाल से लेकर पुलिस विभाग से जुड़े लोगों ने भी बैगर अनुमति के अपने खेत में लगे पेड़ों को लकड़ी ठेंकेदारों के माध्यम से बेंचा है। विभाग और लोगों की निष्क्रियता और अकर्मण्यता के कारण स्थित ऐसी है कि आंकड़ों पर नजर डालने पर ही आंखें चौंधिया जाती है।

हर साल बालोद जिला से लाखों पेंड़ धाराशाही किये जाते हैं। विभाग की निष्क्रियता की आलम ऐसी है कि लकड़ी से जुड़े कारोबारी कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है। और ना ही जिला के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को पर्यावरण के नुकसान के संबंध में तनिक भी चिंता है। उल्टा समाचार प्रकाशन हेतु मौका पर पहुंचने वाले पत्रकारों को गलत आरोप में फंसाने की साजिशे रची जाती है, जो बेहद ही शर्मनाक और घृणत है। प्रकृति का दोहन कितना गलत है, हम सब आज प्रत्यक्ष तौर पर देख रहे हैं। लेकिन हमारे सिर्फ देख भर लेने से क्या होता है ? जिनको देखकर जिम्मेदारी का अहसास होना है आखिर वह सब चुप्प जो है। आगे आने वाला कल और प्रकृति भले इन्हे माफ कर दे; लेकिन कभी अपने अंदर की आवाज को सुनकर देखें, हमने कुदरत से क्या लिया और बदले में उन्हें किया दिया। वैसे समाचार प्रकाशित के बाद बालोद एस डी एम के भेजी गई टीम कोसागोंदी पहुंचकर गोल्लु लकड़ी ठेंकेदार के साथ और अन्य के धारदार मशीनों की तेज धार को बंद करा दिया है, जिसके चलते क्षेत्र में कांटी जानी पेंड़ो को राहत मिली है।

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