Chhattisgarh

खरोरा ब्रेकिंग : अति आवश्यक सेवाओं को छोडकर अन्य दुकानें एक दिन के अंतराल में खुलेगी / खनिज विभाग के सांठगांठ से खनन माफिया काट रहें चांदी।

नीलेश गोयल
खरोरा।

रोरा। नगरी निकाय क्षेत्र में अति आवश्यक सेवाओं को छोडकर अन्य दुकानें एक दिन के अंतराल में खुलेगी, जिला कलेक्टर रायपुर के निर्देश पर राकेश ध्रुव तहसीलदार तिलदा ने थाना परिसर खरोरा में व्यापारियों की बैठक कर चर्चा कर निर्देशित किया। तहसीलदार तिलदा ने बताया कि रायपुर जिला रेड जोन में होने के कारण हमे अतिरिक्त सावधानियां करोना वायरस संक्रमण से लड़ने के लिए भरत नहीं होंगी अति-आवश्यक सेवाएं मेडिकल फल सब्जी व डेयरी की दुकानें रोज खुलेगी अपने समय के अनुसार अन्य दुकानें ऑटो पार्ट्स किराना हार्डवेयर इलेक्ट्रिकल स्टेशनरी की दुकाने क्रमशः 1 दिन के अंतराल में खोली जाएगी सड़क के एक ओर की दुकानें एक दिन वह दूसरे और की दुकानें दूसरे दिन खोली जाएंगी अत्यधिक भीड़ भाड़ व सोशल डिस्टेंस (social distancing) का पालन करवाने के लिए जिला कलेक्टर द्वारा यह निर्देश नगरी निकाय क्षेत्रों के लिए जारी किया गया।

इस बैठक मे केके जायसवाल, सरिता मढरिया, नायाब तहसीलदार रमेश मरकाम, थाना प्रभारी सतीश यादव। सीएमओ संजय अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, भूपेंद्र अग्रवाल, चंद्रपाल मोटवानी, भरत पसारी, जोगिंदर सलूजा, भजन गोधवानी, निलेश गोयल सहित सभी व्यापारी मौजूद थे।


खनिज विभाग के सांठगांठ से खनन माफिया काट रहें चांदी।

समीपस्थ ग्राम पचरी में महाराष्ट्र से आए 12 मजदूरों में से 9 लोगो को पचरी में व 3 लोगो को छड़िया में क्वारंटाइन किया गया व आज रायपुर मुख्य चिकित्सा एक स्वास्थ्य अधिकारी आफिस से कोरोना वारियर की टीम आई व 12 लोग जो महाराष्ट्र से आये उनका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए व उन 12 लोगो को 14 दिनों तक कैरोटिन किया गया। आरएचओ ओमप्रकाश साहू ने इस मामले की पूरी जानकारी दी व उन जांच टीम का पूरा सहयोग किया।


रेत की चोरी कर लाखो रुपयों का चुना लगा रहे शासन को, बिना रायल्टी के बेधडक चल रहे वाहन। समीपस्थ ग्रामो में लॉकडाउन के दौरान भी रेत का गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। चिखली व समोदा खदान से रेत लेकर कवर्धा जा रही शाम 5.30 से रात 1 के बीच तकरीबन 100 हाइवा वाहनों को जब तेज गति से चलाने पर रोका गया तो उसका रॉयल्टी पूछे जाने पर उसके पास कोई दस्तवेज थे उसका कहना है कि पिट पास व रॉयल्टी चेक पेपर्स देते ही नही जरूरत ही नही पड़ती।
समोदा से की रेत को कवर्धा पार करने का सिलसिला लंबे समय से बिना कोई रोकटोक के चल रहा है। रोजाना सेकड़ो ट्रिप रात पार होती रही है। अब जबकि देश लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है, तब सील किये गए बॉर्डर से रेत वाहनों का पार होना प्रशानिक अमले को कटघरे में खड़ा कर रही है। सवाल ये भी उठता है कि प्रशासनिक अमले को आखिर किन आकाओं का ख़ौफ़ है, जो रेत माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती।


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