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Corona Suspected : खुद को पत्रकार बताकर ले रहा गांव का तफरी !

विनोद नेताम
(संवाददाता)

बालोद (hct)। जहां एक तरफ पूरे शासन और प्रशासन कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहा है। लोगों में जागरूकता लाने का काम कर रही है। जिन-जिन व्यक्तियों को, जो अन्य प्रदेश से आए हैं। उनकी जांच करके उन्हें घर पर ही आइसोलेट करके रखा गया है। वहीं गुंडरदेही क्षेत्र में रनचिरई थाने के अंतर्गत ग्राम अचौद में तथाकथित मीडियाकर्मी कुंजलाल उर्फ कुशल साहू के द्वारा शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाकर अयोसोलेट में रखने के बावजूद घर से बाहर निकलकर लोगों से मेलमिलाप का मामला सामने आया है।

कुंजलाल उर्फ कुशल साहू
तथाकथित मीडियाकर्मी

गांव के सरपंच मितानिन एवं ग्रामीणों के द्वारा उनके घर में जाकर समझाइश दिया गया है मगर वह नहीं माना। साथ ही वह लोगों को दबंगईपूर्वक “मैं पत्रकार हूं, थानेदार से मेरी बात हो गयी है। उन्होंने मुझे परमिशन दिया है कि मैं पत्रकारिता कर सकता हूं, मुझे कोई नहीं रोक सकता।” इस तरह गांव वालों को डरा धमकाकर वह गांव से बाहर निकल जाता है और पेपर बांटने का कार्य लगातार कर रहा है। उन्होंने अपनी धोंस दिखाकर रोज घर से निकलकर गुंडरदेही के आसपास क्षेत्रों में घूम रहा है।

गुंडरदेही में नई दुनिया, जो कि सिन्हा न्यूज एजेंसी के मालिक एवं पूर्व सरपंच गोविंद सिन्हा, ग्राम कलंगपुर निवासी को पूछने पर बताया कि वह मेरे अखबार को बटवाने का कार्य करता है। इसके अलावा मैंने उसे किसी प्रकार का जवाबदारी नहीं दिया है। यदि उसे आइसोलेटेड में रखा गया है और वह यदि ऐसा करता है तो नियम अनुरूप जो भी कार्यवाही होगी, इसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार रहेगा। इस प्रकार की यदि लापरवाही की जाती है तो ऐसे लोगों पर प्रशासन द्वारा उस पर कानूनी कारवाही की जा सकती है।

“मेरे द्वारा किसी भी व्यक्ति को इस तरह का परमिशन नहीं दिया गया है, टीम भेजकर पता करवाता हूं, यदि उक्त व्यक्ति द्वारा इस तरह से हरकत किया जा रहा है, तो उस पर तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
थाना प्रभारी, रनचिरई।

“मुझे पूरी जानकारी नहीं है यदि नियम का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।”
रोहित मालेकर, निरीक्षक : थाना गुंडरदेही।

“गुंडरदेही विकासखंड के अंतर्गत ग्राम अचौद का व्यक्ति जो पेशे से अपने आपको पत्रकार बताता है, जिसे आयसोलेट करके रखा गया था, ग्रामीणों के द्वारा संज्ञान में आते ही इसकी शिकायत मौखिक रूप से थाने में दे दी गयी है।”    डॉ रेणुका प्रसन्नो,बीएमओ

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