Chhattisgarh

विकासखंड मैनपुर के ग्राम पंचायत कोकड़ी के आश्रित ग्राम बरगांव के 20 किसानों ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर को लगाई गुहार ?

*मुकेश सोनी।
मैनपुर (गरियाबंद)। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत कोकड़ी के आश्रित ग्राम बरगांव के 20 किसानों ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर से गुहार लगा रहे हैं कि गांव से लगा हुआ पहाड़ियों से निकलने वाले नदी नालों के पानी आधा किलोमीटर तक बहते हुए बाघ नदी में जाकर के सीधा सोढूर नदी मे चला जाता है, जिसका फायदा साकरा नगरी सहित धमतरी जिला को होता है, लेकिन जिस इलाकों से बड़े-बड़े नदी नाले का उद्गम स्थल है उस क्षेत्र के किसानों को सूखे की मार झेलना पड़ता है। समय के अनुसार किसानों को पानी के बिना सूखते फसल को देख कर के अपनी किस्मत को कोसने के सिवाय कुछ नहीं रह जाता है।
छत्तीसगढ़ में किसानों की सरकार बनी है जिससे किसानों की उम्मीदों जगने लगी है; क्योंकि वर्तमान सरकार के द्वारा “नरवा-गरवा, गुरुवा-बारी, छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, एला बचा के रखना है संगवारी।” छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में इन चार बातों को समाहित करते हुए इनके ऊपर कार्य करने की सोच विचार वास्तव में गांव-गरीब, किसान-मजदूरों के लिए है, इनसे उम्मीद जगी है गांव की विकास निश्चित तौर पर होगी। भूपेश बघेल सरकार की सोच “गढबो नवा छत्तीसगढ़” साकार रूप लेगी और गांव के नदी पहाड़ों से बहने वाली नदी नालों को बांध करके किसानों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी।
ग्राम बरगांव के बुजुर्ग किसान राजमन पिता गुहा राम ने बताया कि हमारे गांव से बरसात के दिनों में जंगल पहाड़ी के पीठा पानी बारहमासी बहते रहता है, जो सीधा शुक्लाभाठा गांव के पास बाघ नदी में मिलकर सोढूर नदी में मिल जाता है।
बहुत कम खर्चों में नाला को बांध दिया जाए और उस पानी को निकास नाली के माध्यम से सीधा अपासी किया जाए; तो गांव के लगभग 20 किसानों के 250 एकड़ खेतों की अपासी निश्चित तौर पर हो सकता है; और गांव में नदी नालों के संरक्षण संवर्धन के दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। गांव के किसानों में स्वभाविक रूप से लहलहाते फसलों को देख कर के खुशियां छाने लगेगी, गांव में खुशहाली आएगी भाईचारा के भावनाएं पैदा होगी। अन्नदाता खुशहाली रहेंगे तो देश खुशहाल रहेगा।
अपने गांव के नाला को कम खर्चों में बांध करके खेती के लिए पानी का सही उपयोग हो सिंचाई बांध बने इसके लिए गांव के धनु राम चैतू राम सोमाराम समारू राम कन्हैया राम हीरामन विश्राम चमार सिंह नारायण खाम सिंह मेहतर बाई ने जिला के कलेक्टर से मांग किए हैं।

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