Crime

कटनी में पहले दादी और फिर पोते पर बरसे पुलिस के डंडे, GRP थाना प्रभारी को हटाया गया

कटनी के जीआरपी थाने में निरीक्षक अरूणा वाहने द्वारा महिला और किशोर की पिटाई का छह माह पुराना वीडियो वायरल हो गया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला। रेल एसपी ने कहा कि युवक पर 19 मामले दर्ज हैं और वह जिलाबदर था।

HIGHLIGHTS

  1. किशोर व उसकी दादी की GRP थाने में पीटाई
  2. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सत्ताधारी पर निशाना साधा
  3. निरीक्षक अरूणा द्वारा पिटाई वीडियो हुआ वायरल

 कटनी: जीआरपी थाना में पदस्थ निरीक्षक अरूणा वाहने का शहर के झर्राटिकुरिया क्षेत्र की एक महिला व उसके किशोर नाती को डंडे से पीटते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसके बाद बवाल मच गया है। वीडियो छह माह पुराना बताया जा रहा है और उसको लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट प्रसारित कर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा है।

युवक की पिटाई का वीडियो वायरल

बताया जाता है कि छह माह पूर्व झर्राटिकुरिया निवासी कुसुम वंशकार व उसके नाती को जीआरपी थाना लेकर आई थी। थाना प्रभारी ने अपने चेंबर में दोनों को बंद कर डंडे से उनकी पिटाई की। थाना प्रभारी के साथ ही कुछ पुलिसकर्मी भी दोनों को पीटते वीडियो में नजर आ रहे हैं। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने किया पोस्ट

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि कानून व संविधान से बड़े पुलिस के छोटे-बड़े नुमाइंदों ने यह हरकत फिर एक दलित परिवार के साथ की है। सत्ता भी पिछड़े, आदिवासियों पर अत्याचार करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर जब जीआरपी थाना प्रभारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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जिलाबदर बदमाश

मामले को लेकर पीसीसी चीफ के ट्वीट पर रेल एसपी शिमाला प्रसाद ने ट्वीट किया है। जिसमें उनका कहना है कि वीडियो अक्टूबर 2023 का है। जिसमें जो युवक है उसके खिलाफ 19 मामले दर्ज है और वह निगरानीशुदा बदमाश है। युवक पर पिछले साल फरार होने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

एसपी रेल ने लिखा है कि अप्रैल माह में जिलाबदर का आदेश जारी किया गया था। तथ्य सामने आने बाद थाना प्रभारी जीआरपी को हटाया गया है और पूरे मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।

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