Crime

Cyber Fraud: बच्चों के नाम पर ब्लैकमेल कर अभिभावकों से साइबर ठगी… ऑनलाइन जालसाजों का नया पैंतरा

पुलिस के अनुसार साइबर ठग लोगों को ठगने के नित नए तरीके अपना रहे हैं। कुछ लोग इनके झांसे में आकर मोटी राशि गंवा भी देते हैं। मप्र की राजधानी भोपाल में पिछले दिनों कई लोगों के पास ठगों के फोन आए हैं।

HIGHLIGHTS

  1. पुलिस अफसर बनकर फोन करते हैं ठग।
  2. बच्चों के फर्जी केस बताकर ऐंठते हैं रुपये।
  3. साइबर ठगी का नया पैटर्न सामने आया।

 भोपाल। साइबर ठगी के नए-नए पैंतरे लोगों की गाढ़ी कमाई मिनटों में उड़ा रहे हैं। कभी निवेश का लालच तो कभी नौकरी का झांसा, छोटी सी लापरवाही से लोग जालसाजी का शिकार हो जाते हैं और लाखों रूपये ठगों को यूं ही दे देते हैं। साइबर ठगी का ऐसा ही एक नया पैटर्न इन दिनों सामने आया है, जहां बच्चों के नाम पर ब्लैकमेल कर अभिभावकों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है।

ठगी के हर दिन लोगों के पास फोन पहुंच रहे

ठग फोन कर खुद को पुलिस अफसर बताता है और अभिभावकों को बच्चों के फर्जी केस की जानकारी देता है। साथ ही केस को बंद करवाकर मामला रफा-दफा करने के लिए रुपयों की मांग करता है। शहर में पिछले करीब छह महीने से इस प्रकार की ठगी के हर दिन लोगों के पास फोन पहुंच रहे हैं।

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चालाकी समझ जाते हैं कई अभिभावक

इसमें कई बार अभिभावक ठगों की चालाकी समझ जाते हैं तो कुछ बच्चों का नाम अपराध में जुड़ने से घबरा जाते हैं और डरकर पैसे ठग के बैंक खाते में पहुंचा देते हैं।भोपाल साइबर सेल में भी इस तरह के मामलों की शिकायत पहुंची है, जिनकी जांच की जा रही है।

केस- 1

बीते महीने नूतन काॅलेज में बीए और बीएससी की दो छात्राओं के अभिभावकों को इसी तरह ठगी का प्रयास करने के लिए फोन किया गया था। प्रो. सीमा पाठक ने बताया कि एक केस में बच्ची के अभिभावकों को किडनैपर के रूप में ठग ने फोन किया था, इससे उसके माता-पिता घबरा गए थे। वे तुरंत काॅलेज पहुंचे, यहां देखा तो उनकी बेटी क्लास में मौजूद थी। वहीं प्रो. चंदना ने बताया कि एक अन्य मामले में ठग ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर फोन किया और बच्ची के थाने में बंद होने की बात कहकर रूपयों की मांग की। जबकि वे कालेज पहुंचे तो बेटी यहीं मौजूद थी।

केस- 2

साइबर ठगों ने सरकारी विभाग से रिटायर्ड देवेश शर्मा को फोन कर उनके बेटे धीरज पर देह व्यापार से जुड़े होने की बात कही थी। साथ ही बताया कि वह अभी उनकी गिरफ्त में है, जिसे छुड़वाने के लिए 20 हजार रूपये लगेंगे। देवेश ने घबराकर और अपने बच्चे को पुलिस से बचाने के लिए दस हजार रूपये की राशि भेज दी थी। बाद में जब उन्होंने अपने बेटे को फोन किया तो उसने बताया कि वह तो आफिस में ही मौजूद था।

केस- 3

करोंद निवासी विनीत जायसवाल के पास पिछले दिनों ठग का फोन पहुंचा, जिसमें उसने बताया कि आपका बेटा गौतम जयसवाल होटल में किसी लड़की के साथ पकड़ा गया है। उसे थाने भेजा जाएगा और वहां से जेल हो जाएगी। यदि उसे बचाना है तो 20 हजार रुपये तत्काल भरें। विनीत ने फोन काटकर अपने बेटे गौतम को फोन किया, जिस पर गौतम ने इस तरह की किसी भी बात से इनकार किया और कालेज से वीडियो काल कर पिता को संतुष्ट किया।

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