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Fake Caste Certificate: फर्जी जाति प्रमाण पत्र से आरक्षित श्रेणी से बना सरपंच, शिकायत हुई दर्ज

फर्जी डाक्यूमेंट लगाकर सरपंच का चुनाव लड़ने के पर मामला दर्ज किया है। जनपद पंचायत की लभनपुरा ग्राम पंचायत का मामला है। झूठा जाति प्रमाण-पत्र दिखाकर चुनाव लड़ने के फॉर्म भरे थे। सरपंच के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कलेक्टर से शिकायत हुई है।

HIGHLIGHTS

  1. नकली जाति प्रमाण-पत्र लगाकर लड़ा चुनाव
  2. लभनपुरा पंचायत के सरपंच के खिलाफ शिकायत
  3. एसडीएम ने जांच शुरू कर दी है

 मुरैना। मुरैना जनपद पंचायत की लभनपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कलेक्टर से शिकायत हुई है। इस शिकायत के बाद एसडीएम ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।

बानमोर तहसील के लभनपुरा गांव निवासी जीतेंद्र सिंह गुर्जर ने कलेक्टर को सौंपी शिकायत में कहा है, कि लभनपुरा पंचायत के सरपंच हीरालाल पुत्र प्रेमचंद का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र फर्जी है।

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सरपंच हीरालाल गांव के एक प्रभावशाली परिवार के यहां 45 से 50 साल से बंधुआ मजदूरी करता है और पिछले चुनाव में इसका फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़वाया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस काम में तहसील तक के कर्मचारी शामिल हैं।

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शिकायतकर्ता के अनुसार जाति प्रमाण पत्र के लिए 1950 से निवासरत होने का प्रमाण चाहिए, जो हीरालाल के पास नहीं है। हीरालाल का नाम बिजली कनेक्शन में हीरालाल गुर्जर लिखा है। पंचायत की मतदाता सूची के अनुसार घर क्रमांक 6 में सरपंच का नाम पिछड़ा वर्ग के तौर पर दर्ज है।

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इतना ही नहीं बीपीएल राशन कार्ड में भी हीरालाल का नाम गुर्जर समाज के लोगों के साथ दर्ज है। इस शिकायत के बाद मुरैना एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने बानमोर तहसीलदार को पत्र लिखकर सरपंच हीरालाल के जाति प्रमाण पत्र को लेकर रिकार्ड मांगा है, साथ ही रिपोर्ट मांगी है कि क्या हीरालाल लभनपुर गांव में 1950 से निवास कर रहा है?

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