Chhattisgarh

नही रुक रहा पलायन, सीमावर्ती गांवों से संरक्षित कमार जनजाति के पलायन की मिल रही है जानकारी।

*किरीट ठक्कर।

गरियाबंद। जिले के सीमावर्ती गांवों से पलायन की जानकारी मिली रही है, इससे पहले भी दिसबर माह में छुरा विकास खन्ड के 31 और मैनपुर विकास खन्ड के 150 मजदुरों को जिला प्रशासन की टीम द्वारा तेलॉगाना व आंध्रप्रदेश से विमुक्त कर वापस लाया गया था।
       इस सबके बाद भी ताजा जानकारी , ग्राम पंचायत आमामौरा के 60 से अधिक ग्रामीण मजदूरों के पलायन की खबर मिल रही है।
सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आमामौरा पंचायत के ग्रामीण मजदुर जिनमें संरक्षित जनजाति के कमार आदिवासी भी सम्मिलित है, पलायन कर गये हैं; इनमें महिलायें भी है। जानकारी के अनुसार आमामौरा पंचायत के ग्राम नगरार, हथोडाडीह, अमलोर के अलावा बाघनगरार के ग्रामीण विधानसभा चुनावों के बाद पलायन कर गयें है, इनका पलायन स्थान आंध्रप्रदेश बताया जा रहा है।  इधर इस मामले में जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ तथा जनपद कार्यालय गरियाबंद के प्रभारी सीईओ एच आर सिदार अनभिज्ञता जाहिर कर रहै है !
जिला प्रशासन के अनुसार जिले की कुल 332 ग्राम पंचायतों में से 296 ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कार्य चल रहा है! जिनमें 52 हजार 224 मजदुर कार्यरत है, इस योजना के तहत मजदुरों की संख्या के आधार पर जिला प्रदेश में चौथे स्थान पर है। इस सबके बावजूद पलायन नही रुक रहा है। हालिया जानकारी के अनुसार आमामौरा के 60 से अधिक ग्रामीण मजदूर जिनमें महिलायें भी है पलायन कर गये हैं।
आमामौरा जिला मुख्यालय से करीब 72 कि. मीटर दूर पहाडी पर बसा ओडीसा सीमा से लगा हुआ इलाका है। इस पंचायत की कुल आबादी लगभग 1300 है। कमार व भुंजिया जनजाति की बहुलता है, पहुंच मार्ग विहिन इस पहाडी क्षेत्र तक मूलभुत सुविधाएं पहुंचाना जिला प्रशासन के लिए एक बडी चुनौती है, साथ इस क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता से भी इंकार नही किया जा सकता।
फाईल फोटो, तेलांगाना से छुडाये गये मजदुरों के साथ कलेक्टर व अन्य अधिकारी गरियाबंद।
विगत 28 दिसबंर को भी तेलंगााना राज्य के रंगारेड्डी जिले से 177 मजदुरों को कलेक्टर श्याम धावडे की पहल पर विमुक्त कराया गया था, ये सभी मजदुर मैनपुर विकासखन्ड के ग्राम कुल्हाड़ी घाट और इंदागांव के थे।
अभी कोई पलायन नही हुआ है, आमामौरा में मनरेगा के अंतर्गत भुमि सुधार वगैरह का काम चल रहा है, इसीलिये वहां के लोगों को पलायन का आवश्यकता नही होनी चाहिए।
एच आर सिदार
एडिशनल सीईओ जिला पंचायत गरियाबंद + प्रभारी सीईओ जनपद गरियाबंद।

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