यहाँ लॉक डाउन की धज्जियां उड़ा रहा है जल संसाधन विभाग।

गरियाबंद। केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को लॉक डाउन के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं, राज्य शासन ने भी कोरोना वाइरस महामारी को काफी गंभीरता से लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार आम लोगों से अपील कर रही है की लॉक डाउन को गंभीरता से ले ताकि इस महामारी के संक्रमण को रोका जा सके; किन्तु जिले का जल संसाधन विभाग सरकार द्वारा जारी की जा रही एडवाइजरी को दर किनार कर मनमानी पर उतारू है।

एक तरफ जहां लॉक डाउन के चलते सभी कार्य बंद है, नगरों तथा गांवों की सड़कों में सन्नाटा पसरा हुआ है, तो वही दूसरी ओर पांडुका माइनर में नहर सीसी लाइनिंग मनरेगा कार्य के लिये मुरुम की सप्लाई जारी है। कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग गरियाबंद क्रियांवन्यन एजेंसी के द्वारा मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत पांडुका माइनर सीसी लाइनिंग के लिए धड़ल्ले से मुरुम सप्लाई कराया जा रहा है।
उपरोक्त मामले में आरोप लगाते हुए पांडुका के पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रीतम सिन्हा कहते हैं की निर्माण कार्यों में जल संसाधन विभाग का रवैया पारदर्शी नही है, कार्य निर्धारित मापदंड से नही किया जा रहा है। इससे पहले भी सोमवार 23 मार्च प्रीतम सिन्हा ने जल संसाधन उप संभाग पांडुका के चल रहे टेंडर कार्य फिंगेश्वर डिस्ट्रीब्यूटर 0 से 48 तक सीसी नहर लाइनिंग कार्य में मजदूरों द्वारा सामूहिक कार्य किये जाने को लेकर सवाल खड़े किये थे।
इधर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्याम धावड़े ने कोरोना के विश्व व्यापी संक्रमण को देखते हुए इस महामारी को रोकने नियंत्रित करने निषेधाज्ञा जारी की है और उधर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर इस सब का कोई असर पड़ता दिखाई नही दे रहा।
