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शिक्षा के मंदिर में अंडा अब जैन समाज उतरा विरोध में।


जैन समाज के वरिष्ठ नागरिक मांगीलाल जैन ने कहा कि यह आहार राक्षसी आहार कहलाता है और जैन समाज बालोद शहर इसका विरोध करता है। जैन समाज शुरू से शाकाहार का समर्थन करता है और समाज के लोग भी शाकाहारी हैं एक विद्यालय में अलग-अलग धर्म जाति समुदाय के लोग रहते हैं इसलिए यहां ऐसे भोजन देने की आवश्यकता है जो सभी को सूट करें।
इस अवसर पर जैन समाज के मोहन नाहटा, मनोहर नाहटा, ताराचंद सांखला, अजय सांखला, धनदत्त बाघमार, सुनील रत्न बोहरा, सुभाष ढेलडिय़ा, राहुल गोलछा, अजय बाफना, अनिल बाफना, सौरभ श्री श्रीमाल, नीलेश नाहटा, रमेश नाहटा, अमित नाहटा, आशीष ढ़ेलडिया, यश सांखला, विनय गोलछा, प्रशांत जैन, जिनी सांखला, प्रनेश जैन, शशांक लोढा, यश बुरड़, अंकित बाफना, मयंक नाहटा आदि युवा शक्ति के जैन बन्धु उपस्थित थे।You cannot copy content of this page