विशेष:-क्या कांग्रेस की पाँचवी सूची के इंतेज़ार में थी जनता कांग्रेस!!

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अपनी पांचवी लिस्ट जारी कर दी है. कल नामांकन की आखिरी तारीख है.दरअसल कुछ सीटों पर पेंच फंसा हुआ था. कांग्रेस के भीतर लगातार इन सीटों को लेकर मंथन जारी था. कल देर रात तक इन सीटों पर मंथन जारी रहा.आज 19 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो गया.रायपुर उत्तर, रायपुर दक्षिण, और वैशालीनगर सीट पर पेंच फंसा था. कोटा से रेणु जोगी को टिकट दिए जाने या नहीं दिए जाने पर लंबी बहस चली थी. आज खुलासा हो गया कि रेणु जोगी को टिकट नही मिला है।
डॉ. रेणु जोगी कोटा से कांग्रेस के टिकट पर पिछले दो चुनाव से निर्वाचित होती रही हैं। उनके पति अजीत जोगी के कांग्रेस से अलग होकर जकांछ का गठन करने के बाद से ही कांग्रेस रेणु जोगी को भी लेकर उदासीन थी। इस बार टिकट कांग्रेस उन्हें नहीं दी है।
इधर रेणु को सोनिया गांधी अपनी नजदीकियों को देखते हुए लगता था कि शायद उन्हें टिकट मिल भी जाए। रेणु जोगी कांग्रेस के आयोजनों में दिखती भी रही हैं लेकिन जकांछ का मंच साझा करने का भी उन पर आरोप था। इसके बावजूद वह कांग्रेस में अभी तक बनी हुई हैं।

जकांछ के सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के टिकट नहीं देने पर अब रेणु जोगी जकांछ के टिकट पर कोटा से ही चुनाव लड़ेंगी। वहीं रेणु जोगी इस विषय पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया था।
उनका कहना था कि उनकी आस्था कांग्रेस में पूरी तरह है और वे कांग्रेस के निर्णय का इंतजार करेंगी।
अब देखना है कि रेणु जोगी कांग्रेस का हाथ थामे रहती हैं या टिकट कटने पर जकांछ के हल और अपने कुनबे के साथ खड़ी दिखती हैं
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की कोटा विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का सबसे मजबूत दुर्ग माना जाता है. ये ऐसी सीट है 66 साल से कांग्रेस का कब्जा है. पिछले 14 विधानसभा चुनाव हुए कांग्रेस के सिवा किसी दूसरी पार्टी का खाता नहीं खुला है. हालांकि इस बार बदले राजनीतिक समीकरण में बीजेपी कमल खिलाने की उम्मीद में नजर आ रही है.

दरअसल इस सीट पर पिछले तीन चुनाव से अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी चुनाव जीतती आ रही हैं. कांग्रेस से बगावत कर अजीत जोगी ने जनता कांग्रेस नाम से अपनी अलग पार्टी बना ली है. इस तरह वे भी कांग्रेस के बजाए जनता कांग्रेस से उम्मीदवार हो सकती हैं.
कोटा से कौन कितने बार जीता
1952 से लेकर अब कोटा विधानसभा सीट पर 14 बार चुनाव हुए हैं. काशीराम तिवारी पहले विधायक बने थे. जबकि मथुरा प्रसाद दुबे 4 बार, राजेंद्र शुक्ल 5 बार चुने गए. इसके अलावा 2006 में डॉ. रेणु जोगी बनीं पहली महिला विधायक वे पिछले 3 बार से विधायक हैं।
