Chhattisgarh

नहीं तो तीस हजारी जैसा माहौल रायपुर में हो सकता था।

रायपुर। तीस हजारी कोर्ट के तर्ज पर रायपुर कोर्ट परिसर में तनातनी होते-होते रह गया। मामला रायपुर कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर को आपस में जोड़ने वाले छोटा रास्ता को बंद करने को लेकर कल वकीलों ने करीब 3 घंटे हंगामा-प्रदर्शन किया। वे रायपुर कलेक्टर द्वारा कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर के बीच गेट बंद करने का विरोध कर रहे थे। वकीलों का कहना था कि रजिस्ट्री ऑफिस और एडीएम कोर्ट में आने के लिए यही एक रास्ता है और अगर इसे बंद कर दिया गया तो उनका समय खराब होगा। यह बात तब बिगड़ी जब इस रास्ते में पड़ने वाले गेट में ताला बंद करवा दिया गया था।
मामला कुछ-कुछ तीस हजारी कोर्ट जैसा ही था फर्क सिर्फ इतना रहा कि वहां पर किसी वकील ने पुलिस की गाड़ी को ठोंक दिया था और मामला बिगड़ गया, जिसे लेकर देश की पूरी मीडिया का ध्यान तीस हजारी पर केंद्रित हो गया। और हमारे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुछ दिन पहले एक अधिवक्ता की गाड़ी रायपुर कलेक्टर की गाड़ी से टकरा दी गई थी, जिससे नाराज रायपुर कलेक्टर ने कोर्ट परिसर की तरफ जाने वाले रास्ते को ताला लगवा कर बंद करवा दिया था।
वकीलों ने पहले रायपुर कलेक्ट्रेट जाकर हंगामा किया। कलेक्टर के नहीं मिलने से वकील नाराज हो गए और बंद किए गए गेट को ही तोड़ दिया। इधर तोड़फोड़ की स्थित से निपटने जिला प्रशासन ने भी रक्षित केंद्र से पुलिस बल बुलवा तैनाती कर दी।
जिसके बाद वकीलों ने रायपुर जिला जज से भी जाकर इसकी शिकायत की। हांलाकि मौके की नजाकत को देखते हुए जिला प्रशासन शांत रही, सैकड़ों की संख्या में कलेक्टर ऑफिस पहुंचे वकीलों से नायब तरसीलदार ने बात की और वापस जाने को कहा। सुनाने में तो यह भी आ रहा था कि हाथापाई की भी नौबत आ चुकी थी।
सूत्र : rig24.in

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