- “लानत है उन पर जो हर साल बुराई का प्रतीक मानकर रावण जैसे प्रकांड ब्राह्मण का पुतला दहन करते है और अंत में जय श्री राम का जयकारा लगाते अपने घरों को लौटकर बड़े ही तुर्रमखाँ की औलाद बन ठाठ से अपने माथे में तिलक लगवा पूजा करवाते हैं। ढोल पीटने वालों, दशहरे पर जब हम बुराई के खात्में के प्रतीक रावण को जलाने की तैयारी में लगे थे, उसी दौरान दो दरिंदों ने पांच साल की एक मासूम आदिवासी बच्ची को हवस का शिकार बना डाला…”
घटना की जानकारी पुलिस को देर रात में मिली। पुलिस के अनुसार उक्त वारदात की सूचना करीब 8:00 बजे संबंधित चौकी से प्राप्त हुई जानकारी मिलने पर थाने से पुलिस बल मासूम के गांव पहुंचा और मौका मुआयना करने के बाद मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया प्रारम्भ कर दिया। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम लगा दी गई। पुलिस के समक्ष एक संदिग्ध का नाम सामने आया है; लेकिन दूसरा अभी तक अज्ञात है। इस वारदात के बाद पूरे जिले में हड़कंप सा मच गया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर परिजन अड़े हुए हैं।