खबर का राहतभरा असर : ओडिसा के मजदूरों तक पहुंचा राशन व आवश्यक सामग्री।
गरियाबंद । कोविड 19 के संक्रमण काल में भी चौथा स्तंभ अपनी सक्रियता व जवाबदारी का बखूबी निर्वहन कर रहा है। आज भी कुछ जनपक्षीय पत्रकार आम आदमी व समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का परिपालन पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण यही है की विगत एक महीने से लॉक डाउन में फंसे ओडिसा के मजदूरों को राहत मिलना प्रारम्भ हो गया है।

विदित हो की सोमवार 20 अप्रैल हमने अपने सुप्रसिद्ध वेब पोर्टल हाइवे क्राइम टाइम में यहाँ फंसे हैं ओडिसा कालाहांडी जिले के मजदूर, शीर्षक से खबर का प्रसारण प्रमुखता से किया था। जिसकी सुखद परिणीति ये रही की हमारी इस खबर को संज्ञान में लेकर तिल्दा की एक सामाजिक संस्था प्रयोग आश्रम द्वारा इन मजदूरों के सहायतार्थ 50 किलो चावल और 500 रुपये की दैनिक उपयोग सामग्री, ग्राम हीराबत्तर के पंच श्री परमेश्वर राजपूत के माध्यम से पहुँचाई है। राजपूत ने बताया की प्रयोग संस्था तिल्दा द्वारा उपरोक्त सहायता सामग्री की राशि मेरे एकाउंट में भेजी गई जिससे मैंने राशन व सामग्री मजदूरों को उपलब्ध करा दी है। इसके अतिरिक्त हमारे एक सुधि पाठक ने भी इस प्रतिनिधि से चर्चा कर 1000 रु की दैनिक उपयोग सामग्री ओडिसा के इन मजदूर परिवार को देने का आग्रह किया है, (नाम नही छापने की शर्त पर) इस राशि को भी ग्राम हिराबत्तर के पंच, परमेश्वर राजपूत के खाते में भेज दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत भरुआमुड़ा के सरपंच द्वारा भी 20 किलो चावल उपलब्ध कराया गया है। हमारे सुधि पाठकों को हम बताते चले की गरियाबंद जिले के विकासखंड छुरा अंतर्गत ग्राम हीराबत्तर में ओडिसा कालाहांडी जिले के ग्राम बेहरागुड़ा के मजदुर कृषि संबंधित मजदूरी कार्य करने आये थे, जो लॉक डाउन की वजह से पिछले एक महीने से यहां फंसे हुए हैं। बच्चों व महिलाओं सहित करीब आठ से दस लोग खेत में बनी एक झोपड़ी में दिन गुजार रहे हैं, मजदूरी कार्य बंद हो जाने की वजह से इनका जीवन यापन कठिन हो गया था। इनकी परिस्थितियों से अवगत होते ही हाइवे क्राइम टाइम के जिला प्रतिनिधि द्वारा खबर का प्रसारण किया गया, अब इन्हें राहत मिल रही है।
पंजाब के कामगारों की भी सहायता
विगत 1 अप्रैल को भी हमने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम सिर्रीकला में फंसे पंजाब के तीन कामगारों की परिस्थियों को चित्रित करते समाचार का प्रसारण किया था। इनके लिए इस प्रतिनिधि ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से भी चर्चा की थी। परिणाम स्वरूप इन्हें भी राशन व राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई थी, जिसका हमें सुखद अहसास है। इस मामले में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने भी प्रारम्भ से ही अपना सहयोग दिया था।
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