Chhattisgarh

क्या “गौ हत्यारा देवलाल दुग्गा” को बस्तर की जनता पुनः अपना नेता चुनेगी ? देखिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान का वीडियो।

रायपुर। सन 2013 की बात है, तब भी छत्तीसगढ़ में यही डॉ रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, और इन्हीं के शासनकाल में बस्तर के आदिवासी नेता देवलाल दुग्गा के बारे में नारायणपुर से एक खबर मिली थी कि, गौ प्रेमी सरकार के इस नामुराद नेता के द्वारा गाँव के अग्नि मंदिर से सौ मीटर की दूरी पर स्थित शीतला मंदिर के पास 10 फरवरी को एक वेन में गाय के बछड़े व एक पुजारी के साथ देवलाल दुग्गा पहुंचे और लगभग 07:35 पर स्वयं देवलाल दुग्गा के द्वारा साथ लाए गए बछड़े की बलि दी गई।

इस विडियों से स्पष्ट होता है कि गौ हत्या के दोषी देवलाल दुग्गा ही है।

बस्तर समाचार के प्रतिनिधि को उक्ताशय की जानकारी ग्राम कोरगांव व राउरपारा के ग्रामीण; सुक्कूराम दुग्गा, मानसिंह कुमेटी, मनसुराम नरेटी ने बताया कि वे इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं।

      गाँव वालों के एकत्रित होते तक देवलाल दुग्गा अपने वाहन सहित फरार हो गए, किन्तु पुजारी को ग्रामीणों ने बिछड़े के सिर और धड़ सहित शेष प्रक्रिया पूर्ण करते पकड़ लिया।
बाद में पुजारी द्वारा अपनी गलती कबूलने और आरोपी दुग्गा के खिलाफ शिकायत करने की सहमती पश्चात उसे छोड़ दिए जाने के बाद से फरार हो गया था। जिसे नारायणपुर के पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और किसी भी पत्रकार को मिलने नहीं दे रही थी। वहीं पुलिस के द्वारा दुग्गा के नाम को हटाने के लिए पुजारी के ऊपर दबाव बनाया जा रहा था और इधर रायपुर में उक्त मामले को दबाने के लिए मीडियाई मदारियों को भरपूर रुपया-पैसा बांटे जाने की भी जानकारी प्राप्त हुई थी।

(वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला द्वारा 12th February 2013 को उनके ब्लॉग में प्रेषित पोस्ट से साभार…)

       इसी गौ हत्यारा, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा को भानुप्रतापपुर विधानसभा से भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाकर प्रदेश की जनता के ऊपर फिर थोपना चाहती है…! अब बस्तर की जनता जागरूक हो चुकी है; वे अपने प्रतिनिधी का अच्छे से चयन करना जानती है और लोकतंत्र के इस महायज्ञ में ऐसे नामुराद नक्कारा जनप्रतिनिधि को अच्छे से सबक सिखाएगी ऐसी लहर की अपेक्षा बनते दिख रही है।

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