Chhattisgarh

करणी सेनाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर एंड ब्रदर्स के घर पुलिस की दबिश

हिस्ट्रीशीटर के घर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की नकदी, जेवरात और हथियार जब्त, तोमर बंधु फरार

रायपुर hct : राजधानी रायपुर में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और उसके भाई, करणी सेना के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर (उर्फ रूबी) के ठिकानों पर क्राइम ब्रांच ने बड़ी छापेमारी की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹35 लाख से अधिक की नकदी, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, लग्जरी गाड़ियां, हथियार और लेन-देन के महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। हालांकि, दबिश के दौरान दोनों भाई घर से फरार होने में कामयाब रहे।

एग रोल सेंटर से सूदखोरी और अवैध कारोबार तक

पुलिस जांच में तोमर बंधुओं के आपराधिक इतिहास और धन उगाही के तौर-तरीकों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ आकर, उन्होंने पहले एक एग रोल सेंटर खोला। इस दौरान, उन्होंने आस-पास के ठेला-टपरी और साग-भाजी वालों को दैनिक भुगतान पर ब्याज पर पैसा लेते देखा। इसी से प्रेरित होकर, उन्होंने खुद भी इसी तर्ज पर पैसे उधार लिए। इसके बाद, उन्होंने गांजा और उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से देशी कट्टे बेचकर कमाई शुरू की।

इसी कमाई का उपयोग उन्होंने ठेला-टपरी वालों को दैनिक वसूली पर पैसा उधार देने में किया। धीरे-धीरे, उन्होंने गरीब ठेला-टपरी वालों को डरा-धमकाकर उनसे पांच गुना तक पैसे वसूलने शुरू कर दिए। इस अवैध कमाई से उन्होंने एक छत्तीसगढ़िया व्यक्ति को ₹5 लाख ब्याज पर दिए और डरा-धमकाकर उससे ₹30 लाख वसूले। इसके बाद, एक अन्य छत्तीसगढ़िया व्यक्ति को ₹5 लाख देकर उससे ₹1 करोड़ की जबरन वसूली की। उन्होंने कुछ स्थानीय गुर्गों को पालकर इस सूदखोरी के धंधे को लगातार जारी रखा।

इस दौरान, उन्होंने सोने का अवैध कारोबार भी किया और दूसरों के नाम पर बैंकों से बड़ी-बड़ी कारों को फाइनेंस करवाकर उन्हें नेपाल में बेचना शुरू कर दिया, जिससे बैंकों को भी बड़ा चूना लगा। खुद को राजपूत बताने वाले ये देखते ही देखते करणी सेना में भी सेंधमारी कर गए।

जमीन हड़पने से लेकर आस्था से खिलवाड़ 

तोमर बंधुओं ने सिर्फ सूदखोरी और धोखाधड़ी तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि जिनसे उन्होंने उधार दिया था, उनकी जमीन-जायदाद भी हड़पने लगे। इसमें उन्होंने सतनामी, साहू और यादव समाज के लोगों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया। यह कहना गलत नहीं होगा कि कुछ छत्तीसगढ़िया लोगों ने अपने ही समाज के लोगों को इनका शिकार बनाने के लिए इनके दलाल के रूप में काम किया। साथ ही, प्रशासन के कुछ हिस्से ने भी इन्हें बचाने और संरक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने धर्म को भी अपने धंधे का जरिया बनाया और खारुन नदी के महादेव घाट पर कब्जा करने के लिए उसे “गंगा आरती” का नाम देकर वहां अपनी मौजूदगी स्थापित करने लगे।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

क्राइम ब्रांच को रोहित तोमर की तलाश थी, जो हाल ही में एक प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमला करने के आरोप में वांछित था। मंगलवार सुबह से ही पुलिस वीरेंद्र तोमर के घर पर नजर रखे हुए थी, और शाम को 25 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, ने उनके घर पर धावा बोल दिया।

जब्त की गई सामग्री : दबिश के दौरान, क्राइम ब्रांच को घर के अंदर से चौंकाने वाली सामग्री मिली –

  • ₹35,10,300 नकद
  • 734 ग्राम सोने के जेवरात
  • 125 ग्राम चांदी के जेवरात
  • एक बीएमडब्ल्यू, एक थार, और एक ब्रेजा कार
  • एक आई-पैड और एक लैपटॉप
  • चेक, एटीएम कार्ड, डीवीआर
  • ईस्टॉम्प, पैसों के लेन-देन का हिसाब रखने वाला रजिस्टर, और जमीनों के दस्तावेज
  • एक नोट गिनने की मशीन
  • 5 लोहे की तलवारें
  • एक रिवाल्वर, एक पिस्टल, और जिंदा कारतूस

नाटकीय फरारी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास

क्राइम ब्रांच की टीम को देखते ही रोहित और वीरेंद्र तोमर घर से भाग निकले। हैरानी की बात यह है कि फरार होने के बाद वीरेंद्र तोमर ने खुद डायल 112 पर फोन कर सूचना दी कि “उसके घर में गुंडे घुस गए हैं, मदद कीजिए।” डायल 112 की टीम जब मौके पर पहुंची तो उन्हें घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल देखकर स्थिति का अनुमान हो गया और वे वापस लौट गए।

इस घटनाक्रम के कुछ ही देर बाद, वीरेंद्र तोमर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने पुलिस पर घर की महिलाओं के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया और लिखा, “क्या यही सुशासन है? मेरे परिवार को जान का खतरा है।” यह स्पष्ट रूप से पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने और जनता की सहानुभूति बटोरने का प्रयास प्रतीत होता है।

रोहित तोमर की तलाश में थी पुलिस

पुलिस को रोहित तोमर की तलाश रविवार को तेलीबांधा थाना क्षेत्र के एलओडी रेस्टोरेंट में हुई घटना के बाद से थी। प्रॉपर्टी डीलर दसमीत सिंह चावला ने शिकायत दर्ज कराई है कि जब वह अपने दोस्त हरीश बेलानी के साथ रेस्टोरेंट से बाहर निकल रहा था, तो रोहित तोमर ने पुरानी रंजिश के चलते उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। रेस्टोरेंट के बाउंसरों के बीच-बचाव के बावजूद, रोहित के साथ मौजूद प्राइवेट बाउंसरों ने दसमीत को पकड़ लिया और रोहित ने उसे लाठी से पीटा, जिससे उसके चेहरे और कंधे पर चोटें आईं। पीड़ित ने यह भी बताया कि रोहित ने उसके बड़े भाई दलजीत चावला को भी फोन पर जान से मारने की धमकी दी।

रोहित तोमर का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। इससे पहले भी वह बंदूक दिखाकर लोगों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है, और पुलिस ने उसका जुलूस भी निकाला था।

तोमर बंधुओं पर दर्ज गंभीर मामले

तोमर बंधुओं पर विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट से लेकर धोखाधड़ी और सूदखोरी तक के आरोप शामिल हैं:

  1. मारपीट: 2016 में पुरानी बस्ती थाना में; अमलीडीह में एक व्यक्ति द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की रिपोर्ट; 2017 में भाठागांव की एक महिला द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी।
  2. सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग: 2019 में कोतवाली थाना में एक महिला द्वारा सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट; 2018 में भाठागांव की महिला द्वारा पुरानी बस्ती थाना में ब्लैकमेलिंग; 2019 में कबीर नगर के एक कारोबारी द्वारा ब्लैकमेलिंग-सूदखोरी की रिपोर्ट; 2019 में हलवाई लाइन के कारोबारी द्वारा ब्लैकमेलिंग।
  3. जान से मारने की धमकी: एक कारोबारी को पैसा वसूलने के लिए जान से मारने की धमकी (कोतवाली में एफआईआर)।
  4. हमला: वीआईपी रोड की होटल में पार्टी के दौरान जानलेवा हमला; 2006 में आजाद चौक थाने में वीरेंद्र तोमर (रूबी) के खिलाफ चाकू से हमले का केस।
  5. धोखाधड़ी और कूटरचना: 2019 में पुरानी बस्ती पुलिस द्वारा धोखाधड़ी और कूटरचना का केस।
  6. अन्य: 2010 में गुढियारी में एक कारोबारी द्वारा पैसों के लिए परेशान करने और मारपीट का केस।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस फरार तोमर बंधुओं की तलाश में जुट गई है। इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई की जा रही है।

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