Chhattisgarh

असने कैसे “गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” कका ?

बालोद। जिला के गुंडरदेही विकासखंड के जनपद पंचायत के एक कोने में दस लाख रुपये खर्च कर सन् 2014 -15 में बनाया गया शौचालय जिस वक्त बनाया गया तब से चर्चाओ में था, लेकिन आज ये शौचालय स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढाता हुआ हंस रहा है, और बालोद जिला प्रशासन की स्वच्छता पर खुलेआम पोल खोल रहा है।

शौचालय बना मदिरालय

शौचालय का उपयोग जिस तरह से मदिराप्रेमी सज्जनो ने किया है; वह भी सोंच में डालती है क्योंकि कहा भी गया है “जहाँ सोंच है वहां शौच है।” इसलिए गुण्डरदेही जनपद पंचायत के प्रांगण में बना यह शौचालय बालोद के विकास की गाथा बयां कर रही है।
जिला के सत्ताधारी पार्टी के नेता गांव-गांव, गली-गली; गांधी के विचारो पर पदयात्रा किए सारे अधिकारी को पदयात्रा में शामिल किए लेकिन शौचालय की गंदगी और गंदगी करने वालो की गंदी विचार दूर नही कर पाये…!

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