Corruption

पूर्व सरपंच की मनमानी : आचार संहिता के दौरान 1 करोड़ से अधिक की राशि निकासी।

जनपद व जिला के अधिकारियो को जेब में रखने की देता है धौस, ग्रामीणों और पंचों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग।

मस्तूरी (बिलासपुर) hct : जनपद मस्तूरी की ग्राम पंचायत परसदावेद के पूर्व सरपंच श्रीमती अम्बिका साहू और पंचायत सचिव सतीश टंडन पर गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों और नवनिर्वाचित पंचों ने इस गंभीर अनियमितता की शिकायत की है कि पूर्व सरपंच ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए जिला खनिज न्यास के खाते से 1 करोड़ 8 लाख 38 हजार रुपये की राशि फर्जी तरीके से निकाली। इस मामले में ग्रामीणों ने “सुशासन तिहार” कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मस्तूरी और अन्य अधिकारियों से शिकायत दर्ज की है।

आरोपों का विवरण

ग्रामीणों और पंचों के अनुसार, पूर्व सरपंच का कार्यकाल 11 फरवरी 2025 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद, उन्होंने और सचिव सतीश टंडन ने मिलकर 4 मार्च से 17 मार्च 2025 के बीच एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा में पंचायत के खाता (खाता संख्या: 915010065476482) से उक्त राशि निकाली। शिकायत में कहा गया है कि यह राशि नकद में आहरित की गई, जबकि पंचायत नियमों के अनुसार 10,000 रुपये से अधिक की राशि का भुगतान चेक के माध्यम से फर्म को किया जाना चाहिए।

अनियमितताओं का खुलासा

  • फर्जी निकासी : राशि का आहरण तब किया गया, जब नया सरपंच 25 फरवरी 2025 को शपथ ले चुका था और खाते में 1 मार्च 2025 को राशि जमा हुई थी।
  • अपूर्ण कार्य : पंचायत में निर्माण कार्य या तो अपूर्ण हैं या शुरू ही नहीं हुए, फिर भी राशि निकाली गई।
  • धमकी और दबंगई : पूर्व सरपंच और सचिव ने ग्रामीणों व पंचों को धमकी दी और दावा किया कि जिला व जनपद के अधिकारी उनकी “जेब में” हैं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं होगी।

पंचायत सचिव की भूमिका

पंचायत सचिव सतीश टंडन, जो वर्तमान में मस्तूरी जनपद के सचिव संघ के अध्यक्ष भी हैं, पर ग्रामीणों और पंचों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे अपने उच्च संपर्कों का हवाला देकर नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिससे ग्रामीण असंतुष्ट हैं।

ग्रामीणों और पंचों की मांग

ग्रामीणों और नवनिर्वाचित पंचों ने जनपद सीईओ और सुशासन तिहार कार्यक्रम में अधिकारियों से निम्नलिखित मांगें की हैं :–

  1. अवैध रूप से निकाली गई राशि की वसूली।
  2. पूर्व सरपंच श्रीमती अम्बिका साहू और सचिव सतीश टंडन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
  3. पंचायत में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना।

मामले की गंभीरता

यह मामला न केवल आर्थिक अनियमितता का है, बल्कि ग्राम पंचायत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सुशासन पर भी सवाल उठाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच की दबंगई और अधिकारियों के साथ कथित सांठगांठ ने पंचायत की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है।

शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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