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Chhattisgarh: मुनाफे का लालच देकर पांच करोड़ की ठगी, निवेशकों का आरोप- कंपनी ने कई राज्‍यों के लोगों को लगाया चूना

कंपनी जमा राशि पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत की दर से लाभांश देती रहेगी। मूल जमा राशि की मांग करने पर तत्काल वापस किया जाएगा। झांसे में आकर लोगों ने बड़ी राशि निवेश कर दी। मार्च 2024 तक लाभांश भी दिया गया। उसके बाद से लाभांश देना बंद कर दिया गया है। कंपनी का कामकाज भी बंद हो चुका है।

HIGHLIGHTS

  1. जेक्स फंड जिसने बाद में नाम बदलकर लुकोस इंटरनेशनल और उसके बाद फ्रिक मार्केट कर दिया।
  2. कंपनी द्वारा देश भर में कई हजार करोड़ की ठगी का आरोप है, कई राज्यों में आपराधिक प्रकरण।
  3. कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने भारत सरकार से मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थान होने का किया था दावा ।

अंबिकापुर। निवेश पर बेहतर लाभांश का लालच देकर कथित कंपनी है जेक्स फंड जिसने बाद में नाम बदलकर लुकोस इंटरनेशनल और उसके बाद फ्रिक मार्केट कर दिया गया था जिसके द्वारा पांच करोड़ रुपये की ठगी कर लिए जाने का आरोप निवेशकों ने लगाया है। मामले में सरगुजा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कंपनी द्वारा देश भर में कई हजार करोड़ की ठगी का आरोप है। कई राज्यों में आपराधिक प्रकरण भी पंजीकृत किया गया है।

सोमवार को सरगुजा व जशपुर जिले के निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल से मुलाकात की। निवेशकों ने बताया कि निवेश पर 10 प्रतिशत का लाभांश प्रतिमाह देने का वादा किया गया था। पहले जिस कंपनी के नाम पर निवेश कराया गया था,बाद में उस कंपनी का नाम बदल दिया गया। कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने भारत सरकार से मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थान होने का दावा भी किया था। देश भर में इसका करोबार था। आश्वासन दिया गया था कि किसी प्रकार कोई हेरा-फेरी नहीं होगा। बिना किसी शंका के राशि जमा कर सकते है।

सरगुजा संभाग के निवेशकों से लगभग पांच करोड रुपए की ठगी की गई है। देश के कई राज्यों में निवेशकों द्वारा कंपनी के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कराया जा रहा है।इसी सिलसिले में सरगुजा के निवेशकों ने भी पूरे प्रकरण की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है।

जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई : एसपी

सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। निवेशकों ने पांच करोड़ की ठगी की बात कही है। दस्तावेजों की जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। कितना निवेशकों ने जमा किया है कितनी राशि उन्हें वापस मिली है,इसकी जांच में ही वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा।जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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