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महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के गृह जिला में मानवता को शर्मसार करती घटना।
जिस जिले की कमान एक बेटी के हाथ में है, प्रदेश के केबिनेट मंत्री बालोद की है, आखिर

(संवाददाता)

कल्याण विभाग की केबिनेट मंत्री दिया, ताकि पूरे प्रदेश में बालोद की छवी बनी है वो छत्तीसगढ़ के हर जिले में बन सके लेकिन बालोद के एक बेटी को तथाकथित समाज के ठेकेदारों की घटिया मानसिकता की शिकार होना पड़ा है, हमारे बड़े बुजुर्गो ने कहा है की बेटी; बाप की नाक होती है, लेकिन बेटी के सम्मान के ज्ञान से अज्ञान समाज को अपने पद रुतबा और रसुख की धौस से डराते हुये आज के युग के दुशासन है जिन्होंने गुरुर ब्लाक क्षेत्र के एक गांव की महज पंन्द्रह साल की नाबालिग बच्ची को उसके तथाकथित प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़े जाने पर गांव में मिटींग बुलाकर अश्लील शब्दो का प्रयोग ग्रामीणो के द्वारा किया गया और लड़की के परिजनो को घटना के लिये दोषी मानते हुए पंन्द्रह-पंन्द्रह हजार रूपये दंड लिया गया, साथ ही घटना की बात को किसी को बताने पर गांव से बहिष्कृत करने की बात कही गई।
सुना जाता है की समाज गंगा है और समाज के बीच मे विराजमान पंच भगवान है ‘पंचो के मुँह परमेश्वर बोलते हैं. लेकिन आज तक इस कथन पर लोग सवाल उठाते क्यो है यह आज इस घटना से रुबरु होने के बाद पता चला। घटना की दिन बितती गई एक बाप अपमान की आंसु मन ही मन पिता रहा एक मां जाने-अनजाने अपनी कोख को कोसती रही और बालोद की बेटी निर्भया रोती रही…, रोती रही और तब तक रोती रहेगी जब तक ये समाज स्वीकार कर नही लेता की बेटी किसी की भी हो बेटी सांझी होती है सड़क पर किसी घंमडी समाज ठेकेदारों की फेकी हुई कचरा नही।You cannot copy content of this page