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मरकर भी रावण हुआ जिन्दा, राम को कर गया शर्मिंदा।

  • “लानत है उन पर जो हर साल बुराई का प्रतीक मानकर रावण जैसे प्रकांड ब्राह्मण का पुतला दहन करते है और अंत में जय श्री राम का जयकारा लगाते अपने घरों को लौटकर बड़े ही तुर्रमखाँ की औलाद बन ठाठ से अपने माथे में तिलक लगवा पूजा करवाते हैं। ढोल पीटने वालों, दशहरे पर जब हम बुराई के खात्में के प्रतीक रावण को जलाने की तैयारी में लगे थे, उसी दौरान दो दरिंदों ने पांच साल की एक मासूम आदिवासी बच्ची को हवस का शिकार बना डाला…”
बांसवाड़ा। यह पूरी वारदात आनंदपुरी थाना क्षेत्र की है। जिले के आनंदपुरी थाना इलाके के एक गांव में 5 साल की मासूम बच्ची से दो युवकों द्वारा बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है। नाबालिग के पिता अहमदाबाद में मजदूरी का कार्य करते हैं। घटना के समय बच्ची की मां खेत में कार्य करने के लिए गई हुई थी। घर पर 5 साल की बच्ची और करीब 10 साल का उसका भाई ही था। इसी दरमियान दोपहर में एक मोटरसाइकिल पर दो युवक आए पहले तो उन्होंने घर में बच्चे से बात की इसके बाद मासूम के भाई को किसी काम के बहाने घर से बाहर भेज दिया और उसके बाद युवकों ने नाबालिक मासूम के साथ बलात्कार कर मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद जब पीड़ित बच्ची चिल्ला रही थी तभी उसका भाई वापस घर लौटा तो बहन को घायल अवस्था में देखकर वह सन्न रह गया। पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उसकी मां को इस घटना की जानकारी दी। मौके पर मां पहुँची तो बेटी खून से लथपथ बेसुध पड़ी हुई थी। आनन-फानन में माँ; अपनी बच्ची को लेकर आनंदपुरी चिकित्सालय पहुंची। जहां पर प्राथमिक इलाज के बाद करीब 12:00 बजे महात्मा गांधी चिकित्सालय बांसवाडा में भर्ती कराया गया। रात भर बच्ची चिल्लाती रही और रोती रही।
घटना की जानकारी पुलिस को देर रात में मिली। पुलिस के अनुसार उक्त वारदात की सूचना करीब 8:00 बजे संबंधित चौकी से प्राप्त हुई जानकारी मिलने पर थाने से पुलिस बल मासूम के गांव पहुंचा और मौका मुआयना करने के बाद मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया प्रारम्भ कर दिया। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम लगा दी गई। पुलिस के समक्ष एक संदिग्ध का नाम सामने आया है; लेकिन दूसरा अभी तक अज्ञात है। इस वारदात के बाद पूरे जिले में हड़कंप सा मच गया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर परिजन अड़े हुए हैं।

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