भीड़ ने चोरी के आरोप में 50 वर्षीय दलित व्यक्ति कर दी हत्या
मानवाधिकार कार्यकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान ने आरोप लगाया कि पीड़ित को ग्रामीणों की भीड़ ने चोरी का आरोप लगाते हुए पकड़ लिया और उसे रस्सी से खंभे में बांध दिया और पीट-पीटकर मार डाला।

रायगढ़ hct : पुलिस ने कहा कि उन्होंने हत्या के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है तथा और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं
पुलिस ने बताया कि रविवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चोरी के आरोप में भीड़ ने 50 वर्षीय डाली नामक व्यक्ति को खंभे से बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने बताया कि यह घटना चक्रधर नगर थाना अंतर्गत डुमरपाली गांव में हुई और उन्होंने हत्या के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है तथा और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस के अनुसार
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि रविवार की सुबह सूचना मिली कि ग्राम बनोरा निवासी पंचराम सारथी पुत्र पूनी राम उम्र 50 वर्ष ग्राम डुमरपाली में वीरेंद्र सिदार के घर में चोरी करने की नीयत से घुसा है। उसे पकड़कर पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। चक्रधर नगर थाने में अपराध क्रमांक 574/25 धारा 103(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आईजी ने बताया कि मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह सिदार (50) और उसके दो साथियों अजय प्रधान (पुत्र लोकनाथ प्रधान) और अशोक प्रधान (सभी डुमरपाली गांव के निवासी) को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ”मामले की आगे की जांच जारी है।”
मानवाधिकार कार्यकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान ने लगाया आरोप

इस बीच, रायगढ़ जिले के मानवाधिकार कार्यकर्ता डिग्री प्रसाद चौहान ने आरोप लगाया कि पीड़ित को ग्रामीणों की भीड़ ने चोरी का आरोप लगाते हुए पकड़ लिया और उसे रस्सी से खंभे में बांध दिया और पीट-पीटकर मार डाला। चौहान ने कहा, ”रायगढ़ में चोरी का आरोप लगाकर दलितों की भीड़ द्वारा हत्या की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले रायगढ़ जिले के लैलुंगा थाने में चोरी का आरोप लगाकर दलित अरविंद सारथी की थाने में ही पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। तब जिला सत्र एवं विशेष न्यायाधीश ने छत्तीसगढ़ सरकार को घटना की सीबीआई जांच कराने की चेतावनी दी थी।”

