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भाजपा के उम्मीदवारों को करना पड़ रहा है जन-विरोध का सामना…?

रायपुर। विगत 15 सालों के शासन से भ्रष्टाचार की हदें पार करने वाली और नौकरशाहों के दम पर विकास की फर्जी दावों को लेकर डॉ रमन की सरकार अपने वही पुराने चेहरों के साथ अपनी चौथी पारी के मंसूबे पालकर छत्तीसगढ़ भाजपा चुनावी समर में है। पहले चरण के मतदान से हतप्रभ और लगातार मिल रही अंदरूनी खबरों से कि; अब की बार भाजपा जीत से कोसों दूर नजर आ रही है।
      रमन मंत्री मंडल में अनेक ऐसे मंत्री हैं जो कोई कद्दावर है तो कोई गद्दावर और अनेक ऐसे तमगों नवाजे और जाने जाते हैं। इन्हीं में से कहीं कोई बदजुबान, मुँहफट और तो ऐसे भी हैं जो पूरी तरह नक्कारा और नालायक। जो कुछ एक्का-दुक्का हैं उनकी तो कहानी ही बेगानी है।
       इनकी इन्हीं हरकतों से त्रस्त प्रदेश की जनता को अब इन नक्कारा-नालायक मंत्रियों को सबक सीखने का भरपूर मौका मिला है। भाजपा, सत्ता के मोह में इस कदर बौराया हुआ है; कि उसके घोषित उम्मीदवार किसी गली के गुंडे की माफिक मतदाताओं को डराने-धमकाने और कहर बनकर टुटूंगा कहने से भी बाज नहीं आ रहें हैं ! राजेश मूणत की अमर्यादित बोल बच्चन से तो प्रदेश की समूची जनता वाकिफ है।
बृजमोहन की तो बात ही मत पूछो “सबै भूमि गोपाल की” वाली कहावत इन्हीं पर चरितार्थ होती है ..? अजय चंद्राकर का महिलाओं के प्रति स्नेह, सुभानअल्लाह…! अब तो एक ऐसे नए नवेले नेता का भी पदार्पण हो चुका है जो कलेक्टरी में अनेकोनेक कारनामे को अंजाम देकर नेतागिरी में अपनी तूती बजाने आए हैं और जनाब ने आते ही अपनी रंगत दिखानी शुरू कर दी !
        मंत्री तो मंत्री इनके विधायक भी किसी से कम नहीं। सत्ता का गुरुर इतना; कि जिस जनता ने इन्हें अपना सिरमौर बनाया उसी जनता को ये गालियों से नवाजते हैं ! फलतः जनता अब इनसे त्रस्त हो चुकी है और मूणत सहित कई मंत्री-विधायक और स्वयं “15 साल बेमिसाल” शासन करने वाले डॉ. रमन सिंह की स्थिति डांवाडोल नजर आ रही है….!
     वैसे ताजा तरीन मामले में ग्रामीण के विधायक प्रत्याशी नंदे को भी आक्रोशित जनता ने खरी- खोटी सुनाई और उन्हें अपने ही निर्वाचन क्षेत्र से अपना मुंह लेकर लौटना पड़ा। देखिए वीडियो :-

पहले चरण की मतदान ने भाजपा के रातों की नींदें हराम कर रखी है। 20 तारीख को दूसरे और अंतिम चरण के साथ लोकतंत्र के महापर्व का समापन होकर सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की भाग्य का लेखा-जोखा विद्युतगणिका मतदान यंत्र में कैद हो जाएगा। अब देखना यह है कि राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा… ?

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