Chhattisgarh

कुम्भकर्णी निंद्रा में तल्लीन सरकार को जगाने निकली जनता…

 डौंडीलोहारा क्षेत्र में संबलपुर ग्राम के नागरिकों ने किया चक्का जाम।

छत्तीसगढ़ की कैबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया के गृह ग्राम डौडीं लोहारा का मामला।
बालोद के डौडीं लोहारा तहसील के
विनोद नेताम
(संवाददाता)
संबलपुर में जिला प्रशासन के होश हजारों आंदोलन कारियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़क मार्ग बाधित कर उड़ा दिया। बीच सड़क पर बैठकर सरकार व जिला प्रशासन के ऊपर अनदेखी व वोट बैंक का आरोप लगा जिला प्रशासन की ओर लगातार आश्वासन के बाद भी आंदोलनकारी सडक से हटने का नाम नही ले रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन के उचित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने शासन व प्रशासन को चेतावनी देते हुए आंदोलन खत्म की। यदि इस बार आपके आश्वासवन के बाद भी सड़क निर्माण की प्रक्रिया तत्काल चालू नही की गई तो उग्र आंदोलन होगा जिसकी जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी।
अक्सर लोगों को देश के जनप्रतिनिधी; यह कहकर बेवकुफ बनाने की कोशिश करते है कि, जनता मालिक है व हम गुलाम। आजाद भारत के 73 साल बीत जाने के बाद भी आज तक कोई ऐसा नेता और अधिकारी नही हुए जो जनता के पास जाकर ये कहता हो “हुकुम मेरे आका” बल्कि इस देश के करोड़ो देशवासी इन सेवकों के कार्यालयों और दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते है। लोहारा ब्लाक के बीस गांव के ग्रामीणों ने यह बताने की कोशिश की है कि हम आपके मालिक है और आप हमारे सेवक।
शासन और प्रशासन इस आंदोलन को मामूली बता; बेर्शमी की बत्तीसी छुपाकर इस आंदोलन को मामूली बताने की कोशिश कर रही है जबकि ऐसा बिल्कुल नही है। हजारो की संख्या मे ग्रामीण सड़क को छोड़कर जाने को तैयार नही थी; तब बालोद पुलिस प्रशासन और डौडीलोहरा तहसीलदार सोनकर की सांसे अटक गई। लोग नारो के रूप में चिल्लाकर कह रहे थे “सड़क बनाओ-सड़क बनाओ।” विकास कहाँ है ?
ग्राम दुपचेरा के संजय कुमार साहू ने बताया यहाँ लोगो ने पन्द्रह सालो तक 29 करोड़ रूपये रोड टेक्स दिया है और सड़क की दुर्दशा ऐसी है या तो सड़क बनाओ या सरकार हमारा टेक्स की पैसा वापस करे ताकी उन पैसो से जनता सड़क बनाये।
राम सिंह ठाकुर एसडीएम डौडीं लोहारा ग्रामीणों ने सडक निर्माण को लेकर यह आंदोलन किया गया था, सड़क निर्माण का कार्य चालू कर दिया गया है। जल्द ही दूसरे सडक का भी निर्माण प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण का कार्य चालू किया जाएगा।
राजू पारख सरपंच संघ अध्यक्ष:- “हर बार प्रशासन लोगों को हर तरह से वादा कर इनकी ओर देखना पसंद नही करते है लीपापोती कर मामलों को ठंडे बस्तों में डाल देते है यदि इस बार वादा कि अनदेखी हुई तो यह शासन व प्रशासन की बहुत बड़ी भूल होगी।”
सरपंच, भीमकन्हार : “हमारे गांव की बेटियां क्षतिग्रस्त सड़क के कारण उच्च शिक्षा हासिल नही कर पा रहे है। बेटियों के लिए अच्छे रिश्ते नही आते है; एक जनप्रतिनिधी बनकर समाज की सेवा करना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है लेकिन बदहाल सड़क ने हमें शर्मिन्दा कर दिया है।”
अनिल चोपड़ा, वकील : न जाने कितने सालों से कितने माताओं के गोद सुने पड़ गए कितने सिंदुर उजड़ गए महिला बाल विकास विभाग की मंत्री इस खस्ता सडक से जुझ रहे है आखिर हम कहां कर पा रहे है महिलाओं का सम्मान।

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