Chhattisgarh

जैविक कृषि से उत्पादन अधिक, लागत कम : शांति बाई नागेश

*किरीट ठक्कर।

गरियाबंद । बिहान योजना से मिली सहायता के बाद छुरा विकासखण्ड की ग्राम चरौदा निवासी शांति बाई नागेश अब जैविक खेती से सब्जी व अन्य फसलो का बेहतर उत्पादन कर रही है। शांति बाई ने बताया कि करीब ढाई डिसमिल जमीन में वह बिना किसी उर्वरक के बरबट्टी, अदरक, टमाटर के अतिरिक्त धान की फसल भी ले रही है।
छुरा ब्लाॅक के ग्राम चरौदा में गठित महिला स्वसहायता समुह की सदस्य शांति बाई नागेश ने आज कलेक्टर श्याम धावडे से मुलाकात की और अपने खेत में उत्पादित जैविक अदरक भेंट किया, इस अवसर पर जिला पंचायत के सी.ई.ओ. आर के खुटे भी मौजुद थे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्राम चरोैदा की रंगीला स्वसहायता समुह की सक्रिय सदस्य श्रीमति नागेश ने बताया कि समुह द्वारा लगभग एक एकड खेत में जैविक विधि से अदरक की खेती कि जा रही है, बिना रसायनिक खाद के उपयोग के उत्पादित इस अदरक की बाजार में अच्छी मांग है। श्रीमति नागेश ने बताया कि रा.ग्रा.आ.मि. के तह्त उसे एक पंम्प खरीदने की राशि प्राप्त हुई थी जिसके सहारे उसने जैविक खेती को अपनाया और अब उसके द्वारा उत्पादित आॅर्गेनिक वेजिटेबल्स की अच्छी मांग है। श्रीमति नागेश ने बताया कि ये धारणा गलत है कि रसायनिक उर्वको के सहारे ही उत्पादन अधिक होता है , जैविक खेती से लागत कम और उत्पादन भी अच्छा होता है।

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